- कृषि (472 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- वाणिज्य (277 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- वित्त (339 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- संचार (131 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- रक्षा (86 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- शिक्षा (405 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- ग्रामीण विकास (94 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- जल संसाधन (122 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- सड़क परिवहन
- उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली
- वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी विकास (355 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (406 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

- पर्यावरण (156 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)

काला बाजारी की रोकथाम और अनिवार्य वस्तु की आपूर्ति का अनुरक्षण अधिनियम, १९८०
काला बाजारी की रोकथाम और अनिवार्य वस्तु की आपूर्ति के अनुरक्षण अधिनियम, 1980 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) का अधिनियम में कुछ मामलों में कैद की व्यवस्था है ताकि काला बाजारी की रोकथाम हो और समुदाय के लिए अनिवार्य वस्तु की आपूर्ति और उससे संबंधित मामलों के अनुरक्षण की व्यवस्था है। अधिनियम केंद्रीय राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकारों को ऐसे व्यक्तियों को कैद करने का अधिकार देता है जिसकी गति विधि समुदाय के लिए अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति का अनुरक्षण के लिए संदेहास्पद पाया जाता है। वर्ष 2003 के दौरान राज्य सरकारों द्वारा 112 मामलों में कैद के आदेश दिए गए हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के पास भी नजरबंद के आदेश में परिवर्तन करने या वापस करने का अधिकार है। नजरबंद के लिए आदेशित व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से दिए गए प्रतिवेदन पर केंद्रीय सरकार द्वारा विचार किया जाता है और निर्णय लिया जाता है। ऐसे 95 प्रतिवेदनों पर वर्ष 2003 के दौरान विचार किया गया और निर्णय लिया गया हैं।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: १४-०३-२००८
