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वायदा व्‍यापार और वायदा बाजार आयोग

वायदा बाजार आयोग एक सांविधिक निकाय है, जिसका गठन वायदा संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1952 (231 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है) के तहत किया गया है, और यह उपभोक्‍ता मामले मंत्रालय खाद्य और सार्वजनिक वितरण के प्रशा‍सनिक नियंत्रण में कार्य करता है। आयोग मान्‍यता प्राप्‍त संघों के माध्‍यम से वस्‍तुओं में वायदा बाजार को विनियमित करता है, वस्‍तुओं में वायदा व्‍यापार करने वाले संघों और संगठनों की मान्‍यता प्रदान करने/वापस लेने के लिए सरकार से सिफारिश करता और देश में वायदा बाजारों के कार्य में सामान्‍य सुधार के लिए सिफारिश करता है।

दिनांकित 1 अप्रैल 2003 की अधिसूचना जारी होने के साथ-साथ सरकार में और 54 वस्‍तुओं में वायदा व्‍यापार अनुमत कर दिया। अत: वस्‍तुओं में वायदा व्‍यापार का निषेध पूरी तरह समाप्‍त कर दिया गया। अनंतरणीय विशिष्‍ठ प्रदाय (एन टी एस डी) संविदा जो मूल पण्‍य वस्‍तु संविदाओं को अधिनियम की धारा 18(3) के साथ पठित धारा 17 के प्रचालन से 37 वस्‍तुओं में एन टी एस डी संविदा से छूट देने द्वारा विनियमन/निषेध की समीक्षा से बाहर रखा गया है। इसलिए सभी एन टी एस डी संविदा अब वायदा संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1952. के निषेध और विनियमन की परिधि से बाहर हैं। बुलियन (सोना और चांदी) चावल और गेहूँ में वायदा व्‍यापार एक लम्‍बी अवधि के बाद आरंभ किया गया हैं। वायदा व्‍यापार सुविधाएं जम्‍मू और कश्‍मीर को भी दी गईं हैं।

एक्‍सचेंजों के कार्यों में सुधार लाने के लिए सक्षम भागीदारों के बीच विश्‍वास का सृजन करने के लिए बेहतर व्‍यापार प्रथा अपनाने हेतु विभिन्‍न शेयर धारकों के साथ साथ आयोग ने व्‍यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाये हैं।

सरकार ने प्रतिभूतियों और वस्‍तु व्‍युत्‍पन्‍न बाजारों को एक साथ मिलाने संबंधी अंतर मंत्रालयीन कार्यबल का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रस्‍तुत की है। समामेलन को कार्यरत करने के लिए योजना बनाने हेतु कृतिक दल का गठन किया गया है।

जिसमें सभी संबंधित मंत्रालयों और तीन राष्‍ट्रव्‍यापी बहु वस्‍तु एक्‍सचेंज अर्थात नेशनल मल्‍टी कॉमॉडिटी एक्‍सचेंज ऑफ इंडिया लि. (एन एम सी ई) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं), अहमदाबाद, मल्‍टी कॉमाडिटी एक्‍सचेंज (एनसीडीईएस) मुंबई, और नेशनल कॉमॉडिटी एंड डेरीवेटिवन एक्‍सचेंज (एन सी डी ई एक्‍सन) मुंबई (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं), प्रतिनिधियों को सभी अनुमत वस्‍तुओं मे व्‍यापार संचालित करने की स्‍थायी मान्‍यता दी गई है।

एक्‍सचेंजों से विभिन्‍न सुधार क्रियान्वित करने के लिए अनुरोध किया गया है जैसाकि, ऑन लाइन कारोबार टाइम स्‍टाम्पिंग, कारोबार गारंटी और निपटान तंत्र, एक तिहाई स्‍वतंत्र बोर्ड प्रतिनिधित्‍व और उनके सुचारू कार्यचलन के लिए बैक ऑफिस स्‍वाचलन/व्‍यापार की मात्रा बढ़ाने के लिए एफ एम सी बेंच मार्क लक्ष्‍य निर्धारित करते हुए। एक्‍सचेंजों के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर कर रहा हैं।

उदारीकरण और पण्‍य बाजार के खुलने के परिणामस्‍वरूप वस्‍तुओं में वायदा व्‍यापार की मात्रा में महत्‍वपूर्ण उछाल आया है। एक्‍सचेंज में वित्तीय वर्ष 2003-04 के दौरान वित्तीय वर्ष 2002-03 के दौरान 68,276.04 करोड़ रुपए की तुलना में 1,30,214 करोड़ रु की कुल व्‍यापार प्रमात्रा दर्ज की है।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: १४-०३-२००८