उपभोक्ता सहकारिता
देश में उपभोक्ता सहकारिता ढांचे के चार स्तर हैं, जिनमें राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता परिसंघ लिमिटेड राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। 30 राज्य सहकारी उपभोक्ता संगठन इस परिसंघ के साथ जुड़े हैं। केंद्रीय/थोक स्तर पर 800 उपभोक्ता सहकारी स्टोर हैं। प्राथमिक स्तर पर 21, 903 प्राथमिक स्टोर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 44,418 ग्राम-स्तरीय प्राथमिक कृषि की ऋण समितियां और विपणन समितियां अपने सामान्य व्यापार के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं के वितरण में लगी हैं। शहरी और उप-नगरीय क्षेत्रों में कीब 37,226 खुदरा बिक्री केंद्रों का संचालन उपभोक्ता सहकारी समितियों द्वारा किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी की जा सकें। परिसंघ उपभोक्ता वस्तुओं के वितरण के आलावा खुदरा गतिविधियों में लगी उपभोक्ता सहकारी समितियों को मजबूति प्रदान करने के लिए परामर्श और प्रोत्साहन सेल का संचालन भी करता है। परिसंघ का मुख्यालय नई दिल्ली में है जिसकी 34 शाखाएं/उपशाखाएं देश के विभिन्न भागों में कार्यरत हैं। वर्ष 2006-07 के दौरान परिसंघ का बिक्री कारोबार 411.12 करोड़ रुपए का रहा जो पिछले वर्ष 630.39 करोड़ रुपए था। परिसंघ ने वर्ष के दौरान 1.33 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया जबकि पिछले वर्ष उसका मुनाफा 6.32 करोड़ रुपए था। परिसंघ का संचयी घाटा 31 मार्च, 2007 तक 1.12 करोड़ रुपए था।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 02-06-2010
