क्षेत्र

सामान्‍य सिंहावलोकन

उपभोक्‍ता कार्य मंत्रालय खाद्य और सार्वजनिक वितरण के पास दो विभाग है, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग तथा उपभोक्‍ता कार्य विभाग।

उपभोक्‍ता कार्य विभाग (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) उपभोक्‍ता मामले मंत्रालय के अधीन खाद्य और सार्वजनि‍क वितरण उपभोक्‍ता सहकारिओं, कीमतों पर निगरानी रखने, अनिवार्य वस्‍तुओं की उपलब्‍धता, देश में उपभोक्‍ता की गतिविधि और सांविधि निकायों को नियंत्रित करने जैसे भारतीय मानक ब्‍यूरो (बी आई एस) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) तथा तौल एवं माप के लिए नीतियां बनाने के लिए जिम्‍मेदार है। विभाग को निम्‍नलिखित कार्य सौंपे गए हैं:

  • आन्‍तरिक व्‍यापार।
  • अन्‍तरराज्‍यीय व्‍यापार: मादक पदार्थ तैयारी (अंतरराज्‍यीय व्‍यापार और वाणिज्‍य) नियंत्रण अधिनियम, 1955 (1955 का 39 )।
  • फ्यूचर्स बाजार का नियंत्रण: वायदा संविदा (विनियमन) अधिनियम 1952 (1952 का 74 )।
  • अनिवार्य वस्‍तु अधिनियम 1955 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (1955 का 10) (किसी दूसरे मंत्रालय/विभाग द्वारा विशिष्‍ट रूप से नहीं की जाने वाले आपूर्ति कीमत एवं अनिवार्य वस्‍तुओं का वितरण)।
  • काला बाजारी की रोक तथा अनिवार्य वस्‍तु की आपूर्ति बनाए रखने के लिए अधिनियम 1980 (1980 का 7)। इसके तहत व्‍यक्ति को कैद किया जा सकता है।
  • बंद वस्‍तुओं का विनियमन।
  • कानूनी मापविद्या में प्रशिक्षण।
  • एम्‍ब्‍लेम आम नाम (अनियमित उपयोगी रोधी) अधिनियम 1952 (1952 का 12)।
  • तौल और माप के मानक। तौल और माप मानक अधिनियम 1976 (1976 का 60)।
  • भारतीय मानक ब्‍यूरो अधिनियम 1986 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (1986 का 63)।
  • उपभोक्‍ता सहकारिता।
  • वायदा बाजार आयोग मुम्‍बई सहित इस सूची में विनिर्दिष्‍ट किसी विषय से संबंधित सभी संलग्‍न या अधीनस्‍थ कार्यालय या अन्‍य संगठन।
  • अनिवार्य वस्‍तु की कीमत निगरानी और उपलब्‍धता।
  • उपभोक्‍ता रक्षा अधिनियम 1986 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (1986 का 68 )।
  • उपभोक्‍ता कल्‍याण निधि (सी डब्‍ल्‍यू एफ)

सार्वजनिक वितरण विभाग (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) को देश की खाद्य अर्थव्‍यवस्‍था के प्रबंधन की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है। विभाग का दोहरा उद्देश्‍य यह सुनिश्चित करना है - हमारे किसानों के लिए परिलब्धि की दरें और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए उपभोक्‍ताओं को उचित मूल्‍य पर खाद्यान्‍नों की आपूर्ति करना। विभाग खाद्यान्‍न क्षेत्र - अधिप्राप्‍ति, भण्‍डारण, आवाक-जावक और वितरण से संबंधित नीतियों का निर्माण। विभाग गेहूँ धान और मोटे अनाज के उत्‍पादकों को न्‍यूनतम मूल्‍य समर्थन की योजना का क्रियान्‍वयन करना और केंद्रीय पूल से खाद्यान्‍नों का वितरण करना। भण्‍डाण और खाद्यान्‍न के मूल्‍य स्‍तर पर कड़ी नजर रखी जाती है और देश के विभिन्‍न भागों में उचित मूल्‍य पर उनकी पर्याप्‍त उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं।

मुख्‍य क्रियाकलाप

  • गेहूँ, चावल तथा मोटे अनाज की अधिप्राप्‍ति, आवक, भण्‍डारण और वितरण संबंधी राष्‍ट्रीय नीतियों का निर्माण और क्रियान्‍वयन।
  • गेहूँ, चावल और मोटे अनाजों का आयात तथा निर्यात।
  • लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टी पी डी एस) के लिए नीति और आयोजना।
  • बफर स्‍टॉकिंग नीति और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामले।
  • देश में विभिन्‍न सार्वजनिक एजेंसियों द्वारा अधिप्राप्‍त भण्‍डारित तथा संवितरित गेहूँ, चावल तथा मोटे अनाज का गुणवत्ता नियंत्रण।
  • गेहूँ, चावल तथा मोटे अनाजों के केंद्रीय भण्‍डार के रख रखाव के लिए भण्‍डारण सुविधाएं।
  • गेहूँ, चावल और मोटे अनाजों के वैज्ञानिक भण्‍डारण की तकनीकियों का अनुसंधान और प्रचार।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: १९-०८-२००८