क्षेत्र

वस्‍तु वार कीमत प्रवृत्तियां

अनाज:ज्वार, जौ में 15.1 प्रतिशत, गेहूं में  4   प्रतिशत, चावल में 8.3  प्रतिशत और बाजरा में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि के कारण 2007-08 के दौरान मोटे अनाज के थोक मूल्य सूचकांक में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। चावल की कीमत में तेज वृद्धि न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि, भंडार के निम्न स्तर आदि कारणों की वजह से हुई। अनाज का उत्पादन 2006-07 (अंतिम) के लिए 203.08 मिलियन टन के उत्पादन का अनुमान लगाया गया था जोकि 2005-06 के 195.2 मिलियन टन की तुलना में बहुत अधिक था। चावल और गेहूं का भी उत्पादन 2006-07  के दौरान क्रमशः  93.35 मिलियन टन और 75.81  मिलियन टन हुआ जो पिछले वर्ष के  91.79  मिलियन टन और 69.35 मिलयन टन से अधिक है।

दाल: दालों के थोक मूल्य सूचकांक ने  2006-07  की 15.3  प्रतिशत के बदले 2007-08  के दौरान (-2.2 प्रतिशत) की कमी प्रदर्शित की। मांग और उपलब्धता के बीच की खाई को आयात के माध्यम से भरा जा रहा है। 2007-08 (अप्रैल-फरवरी) की अवधि के लिए दालों का आयात 2.62  मिलियन टन (औपबंधिक) था। जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 1.98 मिलियन टन का आयात हुआ था। (स्रोत-डीजीसीआई और एस)

खाद्य तेल:वित्तीय वर्ष 2007-08 के दौरान खाद्य तेलों के थोक मूल्य सूचकांक ने 19.9 प्रतिशत दर्शाया है जबकि 2006-07 में 13.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। पिछले वर्ष के दौरान तिलहन के घरेलू उत्पादन में कमी के साथ ऊँची अन्तर्राष्ट्रीय कीमतों की वजह से यह वृद्धि हुई है। 2007-08 (अप्रैल से फरवरी तक) के दौरान खाद्य तेलों का आयात 4.58 मिलियन टन था जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 3.91 मिलयन टन था। (स्रोत-डीजीसीआई और एस)

चीनी
चीनी की कीमतों में 2007-08 के दौरान बाजार में उपलब्धता अधिक होने के कारण कमी आई है। थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर चीनी की कीमतों में 2007-08 के दौरान 1.6 प्रतिशत की कमी आयी। एक वर्ष पहले इसमें 18.2 प्रतिशत की कमी आयी थी। चीनी का उत्पादन 2006-07  के दौरान  281.99 लाख टन तक बढ़ गया है, जबकि यह उत्पादन एक वर्ष पहले 193.21 लाख टन था।

सब्जियां

प्याज
सब्जी की कीमतें उपलब्धता और मौसमी कारणों पर निर्भर करती हैं। सरकार ने सब्जियों की उपलब्धता खासतौर पर प्याज एवं आलू की कीमतों एवं उपलब्धता पर कड़ी नजर रखी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2007-08 के दौरान प्याज की कीमतें पिछले वर्ष के मुकाबले कम ही रहने का अनुमान है।

आलू
आलू की कीमतें पिछले वर्ष अक्टूबर/नवंबर, 2007 तक के अधिक थी। पिछले बर्ष के दौरान ऊँची कीमतें का कारण था किसानों और व्यापारियों द्वारा शीतभंडारण से बाधित आपूर्ति और कम भंडारण। (सोत-एनएचआरडीएफ)
आलू का क्षेत्र और उत्पादन दोनों ही बर्ष 2007-08 के दौरान प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, मध्यप्रदेश, बिहार और गुजरात में बढ़ गया है। इसकी वजह यह है कि 2007-08 के मुकाबले किसानों ने पैदावार का क्षेत्र बढ़ा दिया और इससे उम्मीद है कि उन्हें अपनी फसल की अच्छी कीमत मिलेगी।

चाय
देश में चाय की कीमत और उपलब्धता संतोषप्रद रही। हालाँकि थोक मूल्य सूचकांक पर 2007-08  के दौरान चाय की कीमत 7.3 प्रतिशत बढ़ी, जबकि 2006-07 के दौरान चाय की कीमत में 8 प्रतिशत वृद्धि आई थी। वर्ष 2007-08 के दौरान (अप्रैल-फरवरी 2008) चाय का निर्यात 1799.85 लाख किग्रा. था जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में चाय का निर्यात 1750.69 लाख किलोग्राम था। (स्रोतः डीजीसीआई और एस)

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 02-06-2010