इतिहास

प्रत्येक वर्ष की 26 जनवरी के दिन भारत का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। आज ही के दिन सन् 1950 में भारतीय गणतंत्र अस्तित्व में आया। आज के दिन इंडिया, जिसे भारत के नाम से भी जाना जाता है, जो कि न्याय, समानता, स्वतंत्रता और आपसी भाईचारे के सिद्धांतों में विश्वास करता है, संपूर्ण प्रभुसत्तासंपन्न, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बना।

गणतंत्र दिवस का दिन एकता की भावना को जागृत कर देता है और हर भारतीय गणतंत्र के इस महापर्व को राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत होकर पूरे उल्लास के साथ मनाता है। इस अवसर पर एक भव्य परेड का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में किया जाता है। भारतीय जल, वायु और थल सेना के दल राजपथ पर राष्ट्रपति भवन से मार्च करते हुए इंडिया गेट तक आते हैं। तीनों सेनाओं के प्रमुख भारतीय राष्ट्रपति उनकी सलामी लेते हैं। परेड के बाद विभिन्न राज्यों की रंगारंग झांकी और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।

विभिन्न परंपराओं और धर्मों के मानने वाले हर भारतीय के लिए गणतंत्र दिवस सद्भाव और एकता का परिचायक होता है। आज का दिन अपने इतिहास और उपलब्धियों पर गर्व अनुभव करने का दिन होता है। यह भारतीय होने और भारतीयता का उत्सव मनाने का दिन है।

डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर

डॉ॰ बीआर अम्बेडकर भारतीय संविधान के जनक के रूप में याद किए जाते हैं। इनका जन्म मध्य प्रदेश के महू नामक स्थान पर सन् 1891 में हुआ था। सन् 1947 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में कानूनमंत्री पद का न्यौता दिया। संविधान सभा ने संविधान का प्रारूप बनाने का जिम्मा एक समिति को सौंपा, जिसके अध्यक्ष डॉ॰ अम्बेडकर चुने गए। फरवरी 1948 में डॉ॰ अम्बेडकर ने संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया और 26 नवंबर 1949 को वह पारित हो गया तथा इसे 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया।

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जय हिंद !