विदेश
यह पृष्‍ठ अंग्रेजी में (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

अंतरराष्‍ट्रीय छात्रों के लिए भारत सरकार की छात्रवृत्तियां

भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष अनेक अंतरराष्‍ट्रीय छात्रों को छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती है, जो भारत में अध्‍ययन के इच्‍छुक है। ये छात्रवृत्तियां विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के माध्‍यम से संबंधित सरकारों के पास सूचित की जाती है। संबंधित सरकारों की ओर से वहां के भारतीय दूतावासों में नामांकन प्राप्‍त किए जाते हैं। इन छात्रवृत्तियों और योजनाओं की जानकारी विदेश में स्थित भारतीय दूतावासों से प्राप्‍त की जा सकती है।

कुछ छात्रवृत्तियां इस प्रकार हैं:

सामान्‍य सांस्‍कृतिक छात्रवृत्ति योजना (जी सी एस एस)

हर वर्ष इस योजना (जी सी एस एस) के तहत छात्रवृत्तियां कुछ एशियाई देशों, अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देशों के छात्रों को स्‍नातक, स्‍नातकोत्तर स्‍तर के अध्‍ययन तथा भारतीय विश्‍वविद्यालयों में अनुसंधान के लिए प्रदान की जाती हैं। जबकि चिकित्‍सा अध्‍ययन के तहत एम बी बी एस, बी डी एस या पीएच. डी. उपाधि के लिए चिकित्‍सा अनुसंधान हेतु छात्रवृत्तियां जीसीएसएस योजना के तहत नहीं दी जाती है। जीसीएसएस के तहत शामिल देशों की सूची इस प्रकार है।

अफगानिस्‍तान, बारबाडोस, बोत्‍सवाना, कम्‍बोडिया, केमेरॉन, इथोपिया, फिजी, गाम्बिया, गोआना, इंडोनेशिया, इरान, इराक, जमेका, जॉर्डन, कजाखस्‍तान, केनिया, लाऔस, लेसोथो, म्‍यांमार, मालदीव, मौरिशस, मालवी नाम्बिया, नेपाल, पेलेस्‍टीन, रूस, सउदी अरब, सेनेगल, सोमालिया, दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड गणतंत्र, श्रीलंका, सीरिया, सेशल्‍स, सुडान, तंजानिया, थाइलैंड, ट्रिनिडाड और टोबेगो, उगांडा, उजबेकिस्‍तान, संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई), वियतनाम, यमन, जायरे, जाम्बिया, जिम्‍बावे।

सांस्‍कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम

प्रति वर्ष भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (आई सी सी आर) द्वारा भारत सरकार और संबंधित देशों की सरकारों के बीच विभिन्‍न क्षेत्रों में अध्‍ययन, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए सांस्‍कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम की हस्‍ताक्षरित शर्तों तथा निबंधनों के अधीन अंतरराष्‍ट्रीय छात्रों को छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। वर्तमान में भारत निम्‍नलिखित देशों के साथ सांस्‍कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम चलाता है:

ऑस्‍ट्रेलिया, अलजीरिया, अर्जेटाइना, अफगानिस्‍तान, बंगलादेश, बुलगेरिया, बेलजियम, बहरीन कोलम्बिया, कापर्स, चीन, चेक, इथोपिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, घाना, ग्रीस, हंगरी, इरान, इराक, इज़राइल, इटली, जापान, जॉर्डन, कजाखस्‍तान, केनिया, कुवेत, किर्गीस्‍तान, मंगोलिया, म्‍यांमार, मालदीव, मौरिशस, मलेशिया, मेक्सिको, माली, नीदरलैंड, नाइजीरिया, उत्तरी कोरिया, नॉर्वे, पाकिस्‍तान, फिलीपीन्‍स, पुर्तगाल, पोलैंड, रोमानिया, रूस, रवांडा, स्‍लो‍वेकिया, स्‍पेन, स्‍वीडन, दक्षिणी कोरिया, सेनेगल, सुडान, सीरिया, सोमालिया, श्रीलंका, थाइलैंड, टुनिशिया, टर्की, तुर्कमेनिस्‍तान, उगांडा, संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई), संयुक्‍त अरब गणतंत्र (मिश्र), उजबेकिस्‍तान, वियतनाम, यमन, जायरे, जिम्‍बावे ।

राष्‍ट्रमंडल अध्‍येतावृत्ति योजना

इस योजना के तहत हर वर्ष छात्रवृत्तियां और अध्‍येता राष्‍ट्र मंडल देशों के प्रत्‍याशियों को स्‍नातकोत्तर अध्‍ययन के लिए मुख्‍य रूप से प्रदान की जाती हैं, जबकि इनमें से कुछ छात्रवृत्तियां उन विषयों में स्‍नातक स्‍तर के अध्‍ययन के लिए भी उपलब्‍ध हैं जहां आवेदक छात्र के देश में पर्याप्‍त सुविधाएं उपलब्‍ध नहीं है। इस योजना के तहत अनुसंधान परियोजनाओं को अपने देश में आयोजित करने के लिए सामग्री संग्रह हेतु इच्‍छुक छात्रों को भी अल्‍पावधि की छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती है।

आदान प्रदान छात्रवृत्ति योजना

किसी विषय में स्‍नातकोत्तर अध्‍ययन या अनुसंधान करने के इच्‍छुक प्रत्‍याशियों को, जिनके लिए भारत में सुविधाएं उपलब्‍ध हैं, वे इस योजना के तहत एक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। अध्‍ययन के इच्‍छुक या भारतीय शास्‍त्रीय संगीत, भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍य, चित्र कला, शिल्‍प कला, नाटक और भारतीय भाषाओं में विशेषज्ञता प्राप्‍त करने के इच्‍छुक आवेदक स्‍नातक स्‍तर पर प्रवेश के लिए विचार में लिए जा सकते हैं। स्‍नातक पाठ्यक्रमों के लिए अंतरराष्‍ट्रीय छात्र किसी विश्‍वविद्यालय या मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍थान में कार्य कर सकते हैं। भारतीय भाषाओं को पढ़ने के इच्‍छुक विदेशी छात्र एक नियमित विद्यार्थी के रूप में विश्‍वविद्यालय या संस्‍थान में प्रवेश ले सकते हैं।

इस योजना के तहत लैटिन अमेरिकी देशों तथा कुछ विशिष्‍ट निर्दिष्‍ट यूरोपियों देशों : ऑस्ट्रिया, ब्राजील, चिली, कोस्‍टा रिका, डेनमार्क, निकारागुआ, पनामा, पेरेग्‍वे, पेरु, स्विटज़रलैंड, सूरीनाम और उरूग्‍वे के प्रत्‍याशियों के लिए छात्रवृत्तियां उपलब्‍ध हैं।

कोलम्‍बो योजना के लिए तकनीकी सहयोग योजना

इस योजना को आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की ओर से प्रशासित किया जाता है तथा यह एशियाई देशों के नागरिकों के लिए उपलब्‍ध है।

कोलम्‍बो योजना की तकनीकी सहयोग योजना के तहत छात्रवृत्तियां निम्‍नलिखित देशों के प्रत्‍याशियों को प्रदान की जाती है।

अफगानिस्‍तान, बंगलादेश, भूटान, इरान, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्‍यांमार, मालदीव, नेपाल, फिलीपीन्‍स, पापुआ न्‍यू गिनी, श्रीलंका, दक्षिणी कोरिया, थाइलैंड

इस योजना के अनुसार छात्रों को स्‍नातक, स्‍नातकोत्तर तथा पीएच. डी. उपाधि के लिए अनुसंधान करने हेतु छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती है। स्‍नातक स्‍तर पर कुछ छात्रवृत्तियां अभियांत्रिकी उपाधियों या डिप्‍लोमा पाठ्यक्रमों के लिए भी उपलब्‍ध हैं।

इस योजना में निम्‍नलिखित दो श्रेणियों में छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं

  • श्रेणी I : यह श्रेणी अल्‍प या मध्‍यम अवधि के पाठ्यक्रमों हेतु आने वाले अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए है।
  • श्रेणी II : यह अल्‍प, मध्‍यम या दीर्घ अवधि के पाठ्यक्रमों हेतु आने वाले छात्रों, प्रशिक्षुओं, स्‍नातकों और स्‍नातकोत्तर स्‍तर के छात्रों के लिए उपलब्‍ध है।

पाठ्यक्रमों की अवधि इस प्रकार है:

  • एक वर्ष या कम
  • दो वर्ष तक
  • दो वर्ष से अधिक

सार्क अध्‍येतावृत्ति योजना

सार्क देशों के छात्रों, अध्‍येताओं, शिक्षाविदों के बीच मेलजोल को प्रोत्‍साहन देने के लिए भारत सरकार ने सार्क अध्‍येतावृत्ति और छात्रवृत्ति योजना आरंभ की है। सदस्‍य देशों के नागरिकों को हर वर्ष 6 अध्‍येतावृत्तियां और 12 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं और इसके सदस्‍य देश हैं बंगलादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्‍तान और श्रीलंका, अत: प्रत्‍येक सदस्‍य देश के एक नागरिक को एक अध्‍येतावृत्ति और दो छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती है।

ये छात्रवृत्तियां और अध्‍येतावृत्तियां अर्थशास्‍त्र, शिक्षा, पर्यावरण, कृषि, जनसंचार, भाषा और साहित्‍य, समाज शास्‍त्र, परिवहन अभियांत्रिकी, अनुप्रयुक्‍त अर्थशास्‍त्र, व्‍यापार प्रशासन कार्यक्रम में स्‍नातकोत्तर उपाधि, जैव रसायन, सामाजिक कार्य, खाद्य प्रौद्योगिकी और गृह विज्ञान में प्रदान की जाती हैं।

इसके अतिरिक्‍त चक्रानुक्रम आधार पर सदस्‍य देशों में एक पीठ भी प्रदान की जाती है। केवल ऐसे पाठ्यक्रमों के लिए, जिनके लिए सदस्‍य देशों में पर्याप्‍त सुविधाएं उपलब्‍ध नहीं हैं, भारत सरकार द्वारा अध्‍ययन का प्रस्‍ताव दिया जाता है। वित्तीय शर्तों और निबंधनों को सार्क सचिवालय द्वारा अंतिम रूप दिया जाता है।

अपा साहेब पंत छात्रवृत्ति योजना

इस योजना के तहत एक केनियाई नागरिक को स्‍नातकोत्तर स्‍तर पर वरीयत: अंतरराष्‍ट्रीय संबंधों या अर्थशास्‍त्र के क्षेत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय में अध्‍ययन के लिए एक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। सामान्‍य देयताओं के अलावा इकोनॉमी श्रे‍णी का हवाई किराया भी दिया जाता है।

आई सी सी आर छात्रवृत्ति योजना

विदेश मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आई सी सी आर (भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद) छात्रवृत्ति दुनिया भर के छात्रों को प्रदान की जाती है। आईसीसीआर में 60 छात्रवृत्तियां शामिल हैं जिसमें निष्‍पादन और दृश्‍य कलाओं में स्‍नातक तथा स्‍नातकोत्तर कार्यक्रमों हेतु सहायता दी जाती है। इसमें शामिल विषय हैं भारतीय शास्‍त्रीय संगीत, नृत्‍य, चित्र कला और शिल्‍प कला।

क्राफ्ट अनुदेशक योजना

इस योजना के तहत क्राफ्ट अनुदेशकों के तौर पर प्रशिक्षण के लिए राष्‍ट्र मंडल देशों की नागरिकों को हर वर्ष दस छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं।

श्रीलंका और मौरिशस के लिए छात्रवृत्ति‍ योजना

इस योजना के तहत हर वर्ष कुल 77 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं, जिसमें से 47 श्रीलंका के लिए और 30 मौरिशस के लिए होती है। ये छात्रवृत्तियां स्‍नातक, स्‍नातकोत्तर उपाधियों तथा पीएच. डी. उपाधि तक अनुसंधान अध्‍ययन के लिए प्रदान की जाती है। श्रीलंका के नागरिक भी इस योजना के तहत कृषि, अभियांत्रिकी और भैषजिकी जैसे विशेष विषयों का अध्‍ययन कर सकते हैं।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल