विदेश
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पाठ्यक्रम

भारत में अध्‍ययन अपने आप में समृद्ध अनुभव है जो व्‍याव‍सायिक विकास के लिए प्रवेश द्वार खोलता है। भारत अनिवासी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्‍यक्तियों के लिए विभिन्‍न स्‍नातक, स्‍नातकोत्तर और डॉक्‍टरल स्‍तरीय पाठ्यक्रम चलाता है।

अधिकांश राज्‍यों और केन्‍द्रीय स्‍तर के कॉलेजों के पास उत्‍कृष्‍ट संकाय है, पाठ्यक्रम और आवास सुविधाएं है। यह छात्रों के व्‍यावसाय विकास और आराम को ध्‍यान में रख कर दी गई है। भारत में चलाए जाने वाले पूर्व स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर पाठ्यक्रम की सूची दी गई है। विदेशी भारतीय कार्य मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा इन पाठ्यक्रमों को प्रस्‍तावित करने वाले महाविद्यालयों और संस्‍थानों पर विस्‍तृत सूचना दी जाती है।

इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा

36 विश्‍वविद्यालय और 1195 कॉलेज विभिन्‍न शाखाओं में पूर्व स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम चलाते हैं। भारत को सही मायने में तीक्ष्‍ण प्रौद्योगिकी सेवा के लिए उपयुक्‍त इंजीनियरों का मक्‍का कहा जाता है।

200,000 से भी अधिक छात्र भारतीय इंजीनियरिंग संस्‍थानों और कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। भारत में सभी इंजीनियरिंग कॉलेज/संस्‍थाएं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (एआईसीटीए) द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त और विनियमित होते हैं।

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चिकित्‍सा शिक्षा

भारतीय चिकित्‍सा संस्‍थान अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर की चिकित्‍सा शिक्षा प्रदान करने के लिए विश्‍व भर में जाने जाते हैं। 18 विश्‍वविद्यालय स्‍तर की संस्‍थान और 785 चिकित्‍सा कॉलेज औषधि और संबंधित क्षेत्रों में पूर्व स्‍नातक कार्यक्रम चलाते हैं (जिनमें फार्मेसी, आयुर्वेद, यूनानी, होम्‍योपैथी और नर्सिंग शामिल हैं)।

सभी चिकित्‍सा/दंत चिकित्‍सा/फार्मेसी कालेज भारत में सांविधिक निकायों अर्थात मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया/डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया/फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया/केन्‍द्रीय स्‍तर पर इंडियन नर्सिग काउंसिल द्वारा मान्‍यताप्राप्‍त और विनियमित होते हैं।

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कृषि/पशु चिकित्‍सा शिक्षा

पशु विज्ञान, डेरी और मत्‍स्‍य विज्ञान सहित भारत कृषि शिक्षा के लिए बहुत ही मनपसंद जगह है। 40 विख्‍यात विश्‍वविद्यालयी स्‍तर की संस्‍थाएं और 199 से भी अधिक कालेज कृषि संबंधी विभिन्‍न पाठ्यक्रम चलाते हैं। पूर्व स्‍नातक कार्यक्रम 11 मुख्‍य संकायों में चलाए जाते हैं और स्‍नातकोत्तर कार्यक्रम 65 विभिन्‍न विशेषीकरणों में चलाए जाते हैं। सभी विश्‍वविद्यालय इन विशेषताओं में पीएचडी कार्यक्रम चलाते हैं।

भारत में चिकित्‍सा शिक्षा चलाने वाले विश्‍वविद्यालय शीर्ष राष्‍ट्रीय निकाय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईआईसीएआर) द्वारा नियंत्रित होते हैं, जो कृषि अनुसंधान और कृषि की विभिन्‍न शाखाओं में और भारत में संबद्ध विज्ञान में उच्‍च शिक्षा के संवर्धन के लिए जिम्‍मेदार हैं।

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प्रबंधन पाठ्यक्रम

प्रबंधन व्‍याव‍सायियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत ने अपनी पहली और औपचारिक प्रबंधन शिक्षा 1950 के उत्तरार्ध में शुरू की। आज भारत में 600 संस्‍थान है जो भारतीय प्रबंधन संस्‍थान (आईआईएमएस) जैसे सुविख्‍यात संस्‍थान के साथ पूर्व स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर स्‍तरों पर प्रबंधन कार्यक्रम चलाती हैं।

भारत में सभी प्रबंधन कॉलेज/संस्‍थान अखिल भारत तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) जो भारत सरकार की एक सांविधिक निकाय है, द्वारा मान्‍यातप्राप्‍त और विनियमित होते हैं।

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प्राकृतिक/व्‍यावहारिक विज्ञान/उदार कला और मानविकी

प्राकृतिक और व्‍यावहारिक विज्ञान, उदार कला और मानविकी के अध्‍ययन के लिए पूरे विश्‍व से लोग भारतीय भूमि में आते हैं इसका कारण है कि भारत के पास मूल संरचना से संकाय तक संसाधनों की भरमार है। पारंपरिक उदार कला और मानविकी में विभिन्‍न प्रकार के कार्यक्रम उपलब्‍ध हैं। 162 पारंपरिक विश्‍वविद्यालय और 7,494 से अधिक कॉलेज विज्ञान/कला/वाणिज्‍य में डिग्री प्रदान करते हैं। पूर्व स्‍नातक कार्यक्रम 150 विद्याओं और स्‍नातकोत्तर 50 और 50 से अधिक विशेषीकरण में चलाए जाते हैं।

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होटल प्रबंधन और पर्यटन

होटल प्रबंधन और पर्यटन अध्‍ययनों में भारतीय संस्‍थाओं द्वारा चलाई जाने वाली डिग्री छात्रों को सभी अपेक्षित कौशल और जानकारी से परिपूर्ण करते हैं ताकि अतिथि सत्‍कार उद्योग में पर्यवेक्षक और प्रबंधकीय कार्य प्रभावी रूप से किया जा सकता है।

होटल प्रबंधन की 24 संस्‍थान और 6 खाद्य शिल्‍प संस्‍थान देश में फैले हुए हैं। भारत तीन वर्षीय डिग्री कार्यक्रम होटल प्रबंधन में चलाता है और कैटरिंग प्रौद्योगिकी में भारतीय यात्रा और पर्यटन प्रबंधन संस्‍थान (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (आईआईटीएम) अल्‍पावधिक पाठ्यक्रम चलाना जिसकी डिजाइन यात्रा और पर्यटन अध्‍ययन के‍ लिए की गई है।

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फैशन और डिजाइन प्रौद्योगिकी

भारत हमेशा कपड़ा और परिधान व्‍यापार का केन्‍द्र रहा है। भारत में 75 संस्‍थान हैं जो फैशन, डिजाइन प्रौद्योगिकी और संबंधित क्षेत्रों में पाठ्यक्रम चलाते हैं। इन संस्‍थानों में प्रशिक्षण अंतरराष्‍ट्रीय बाजार की मांगों को ध्‍यान में रखकर शामिल किए जाते हैं। संस्‍थान अध्‍ययतन प्रौद्योगिकी, प्रयोगशालाओं डिजाइन और अनुसंधान केन्‍द्रों पुस्‍तकालयों और कम्‍प्‍यूटरों से युक्‍त हैं।

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स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल