विदेश
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विदेशियों के लिए महत्‍वपूर्ण सूचना

भारत आने वाले विदेशी नागरिकों के पास एक वास्‍तविक और वैध राष्‍ट्रीय पासपोर्ट होना चाहिए या अन्‍य कोई अंतरराष्‍ट्रीय मान्‍यता प्राप्‍त यात्रा दस्‍तावेज होना चाहिए जिससे उसकी राष्‍ट्रीयता और पहचान सिद्ध हो सके तथा इस पर उस विदेशी व्‍यक्ति की तस्‍वीर होनी चाहिए।

नेपाल और भूटान के नागरिक यदि भूमि या हवाई रास्‍ते द्वारा भूटान या नेपाल सीमा से भारत में प्रवेश करते हैं तो उन्‍हें भारत में प्रवेश के लिए पासपोर्ट की आवश्‍यकता नहीं होती है। ज‍बकि उनके पास अधिकृत पहचान प्रमाण होना चाहिए। पुन:, यदि वे अपने देश के अलावा किसी स्‍थान से भारत में प्रवेश करते हैं तो उन्‍हें अपने पास निश्चित रूप से पासपोर्ट रखना चाहिए।

वीज़ा की आवश्‍यकताएं

भारत में ‘आगमन पर वीज़ा’ का कोई प्रावधान नहीं है। विदेशियों को सलाह दी जाती है कि वे सुनिश्चित करें कि भारत के लिए यात्रा आरंभ करने से पहले उनके पास वैध भारतीय वीज़ा है।

वीज़ा की विभिन्‍न श्रेणियों में प्रवेश की संख्‍या और भारत में प्रवास की अवधि के विशिष्‍ट पृष्‍ठांकन का उल्‍लेख वीज़ा पर दिया जाता है, जो वीज़ा जारी करने वाले प्राधिकारी से किए गए अनुरोध और उसके निर्णय पर निर्भर करता है।

विदेशी अपने मार्गदर्शन पर यदि चाहें तो विशिष्‍ट पृष्‍ठांकन करा सकते हैं। यदि उन्‍हें कोई शंका है तो वे विदेश में स्थित भारतीय दूतावासों से स्‍पष्‍टीकरण ले सकते हैं।

नेपाल और भूटान के नागरिकों को भारत में प्रवेश के लिए वीज़ा की आवश्‍यकता नहीं होती है। जबकि नेपाल के नागरिकों को चीन से भारत आने पर वीज़ा की आवश्‍यकता होती है।

मालदीव के नागरिकों को भारत में पर्यटन के प्रयोजन हेतु प्रवेश के लिए वीज़ा की आवश्‍यकता नहीं होती है और वे यहां 90 दिनों तक रूक सकते हैं।

नोट: कूटनीतिक / आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए एक पृथक वीज़ा व्‍यवस्‍था है।

अस्‍थायी आगमन अनुमति

प्रवास अधिकारी पासपोर्ट रख कर अधिकतम 72 घण्‍टों की अवधि के लिए अस्‍थायी आगमन अनुमति प्रदान कर सकता है, यदि विदेशी नागरिक के पास वैध वीज़ा नहीं है और यदि वह प्रयोजन से संतुष्‍ट है और यह कि आने वाले विदेशी नागरिक के पास अस्‍थायी आगमन अनुमति प्रदान करने के 72 घण्‍टों के अंदर आगे की यात्रा के लिए पहले से निर्धारित टिकट है।

नोट: श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्‍तान, इरान, अफगानिस्‍तान, सोमालिया, नाइजीरिया और इथियोपिया के नागरिकों को अस्‍थायी आगमन सुविधा नहीं दी जाती है।

मूल निवास प्रमाण प्रस्‍तुत करने और एफआरआरओ / एफआरओ सह जिला पुलिस अ‍धीक्षक की संतुष्टि पर अस्‍थायी आगमन सुविधा (टीएलएफ) वैध वीज़ा न रखने वाले भारत में आए विदेशी अतिथियों को आपातकालीन परिस्थिति में 15 दिन की अवधि के लिए दिया जा सकता है, जैसे परिवार में मौत / बीमारी। इन मामलों में प्रवास को और आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विदेशी यहां संपर्क कर सकते हैं :

गृह मंत्रालय
विदेशी प्रभाग
जैसलमेर हाउस, 26, मानसिंह रोड,
नई दिल्‍ली

यदि एक विदेशी नगारिक भारत में किसी नामनिर्दिष्‍ट पत्तन से प्रवेश नहीं करता / करती है तो उसे प्रवेश देने से मना किया जा सकता है, यदि उसके पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा नहीं है, उन्‍माद की अवस्‍था में है या उसे किसी प्रकार का संक्रमण है या ऐसी घातक बीमारी है जो लोक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक है, किसी अक्षम्‍य अपराध में शामिल पाया गया है, उसे केन्‍द्रीय सरकार के विशिष्‍ट आदेश के तहत प्रवेश से रोका गया है।

अपनाए जाने वाले सामान्‍य अनुदेश

सभी यात्रियों, भारतीयों या विदेशियों को आगमन और प्रस्‍थान के समय पर प्रवास जांच से गुजरना होता है। इन पासपोर्टों पर आगमन और प्रस्‍थान के समय विधिवत मुहर लगाई जाती है। यात्रियों को यह देखने की सावधानी रखनी चाहिए कि प्रवास काउंटर छोड़ने से पहले उनके पासपोर्ट पर विधिवत मुहर लगाई गई है।

भारत में आने वाले या भारत से प्रस्‍थान करने वाले सभी विदेशियों को क्रमश: आगमन और प्रस्‍थान के समय डी (अवरोहण) कार्ड तथा ई (आरोहण) कार्ड भरना होगा। इन कार्डों में यात्रियों द्वारा निम्‍नलिखित जानकारी भरने की आवश्‍यकता है :-

  • नाम और लिंग
  • जन्‍मतिथि, राष्‍ट्रीयता
  • पासपोर्ट के विवरण, जैसे नंबर, जारी करने की तिथि
  • भारत में पता
  • व्‍यवसाय
  • फ्लाइट संख्‍या, आगमन की तिथि / प्रस्‍थान की तिथि और अंतिम गंतव्‍य का पत्तन
  • आने वाले भारतीयों के लिए पिछले 6 दिनों के दौरान भ्रमण किए गए देश
  • विदेश यात्रा का प्रयोजन

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: २५-०६-२०१०