यह योजना विदेशों में भारतीय महिलाओं के कल्याण के लिए प्रवासी भारतीय मामले मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य प्रवासी भारतीय पतियों द्वारा परिव्यक्त महिलाओं को वित्तीय, परामर्शी तथा कानूनी सहायता प्रदान करना है।
वर्तमान वर्ष में, प्रवासी भारतीय मामले मंत्रालय आरंभ में संयुक्त राज्य अमेरिका, मामले मंत्रालय आरंभ में संयुक्त राज्य अमेरिका, यू. के, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा खाड़ी देशों में भारतीय मिशनों को 40 लाख रुपए प्रत्येक की राशि, स्वीकृत करेगा, जो अगले वर्ष समीक्षा किए जाने के अध्यधीन है। इस प्रकार, वर्तमान वर्ष में, इस योजना के लिए बजट प्रावधान 2 करोड़ रुपए है।
योजना का कार्यक्षेत्र तथा पात्रता:
यह योजना उन महिलाओं के लिए उपलब्ध होगी जिनका उनके प्रवासी भारतीय पतियों ने परित्याग कर दिया है अथवा किसी विदेश में उनके विरुद्ध तलाक कार्यवाही चल रही है बशर्ते कि निम्न शर्ते पूरी होती हो:-
- महिला एक भारतीय पासपोर्ट धारक है।
- महिला का विवाह भारत में संपन्न तथा पंजीकृत किया गया है।
- महिला का भारत में अथवा विदेश पहुंचने के पश्चात विवाह के दो वर्ष के भीतर परित्याग कर दिया गया है।
- तलाक कार्यवाही उसके प्रवासी भारतीय पति द्वारा विवाह के दो वर्ष के भीतर आरंभ कर दी गई है।
- प्रवासी भारतीय पति द्वारा एक पक्षीय तलाक प्राप्त कर लिया गया है तथा निर्वाह एवं संभृति राशि के लिए मामला दायर किया जाना है।
- यह योजना उस महिला के लिए उपलब्ध नहीं होगी जिसके विरुद्ध कोई आपराधिक आरोप लगाए गए हैं अथवा जिसके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला निर्णीत हो चुका है।
- योजना के अंतर्गत राहत की मांग करने वाली महिला का अधिवास लाभ अनुमत करने के लिए प्रासंगिक नहीं है। आवेदन करने के समय महिला चाहे अपने प्रवासी भारतीय पति के देश में अधिवासी हो सकती है अथवा भारत में रह रही हो सकती है।
- वित्तीय आवश्यकताओं के आधार पर आवेदकों को वरीयता दी जाएगी।
- सहायता महिला की ओर से भारतीय महिला संगठन/गैर-सरकारी संगठनों द्वारा मामले के प्रलेखन और फाइल करने हेतु आरंभिक लागत तथा आनुवांशिक प्रभारों की पूर्ति तक सीमित होगी,
- सहायता प्रति मामला 1000 अमेरिकी डॉलर तक सीमित होगी तथा मामले को दायर करने के लिए प्रलेखन एवं तैयारी कार्य में महिला की सहायता करने के लिए कदम उठाने में भारतीय सामुदायिक संगठनों/गैर-सरकारी संगठनों को समर्थ बनाने के लिए उन्हें निर्मुक्त की जाएगी।
- महिला संगठन/गैर-सरकारी संगठनों को प्रो- बोनो आधार पर न्यायालय इत्यादि में आगे और कानूनी सहायता/प्रदान करने/उपस्थित होने के लिए सामुदायिक अधिवक्ताओं, अधिमानी रूप से महिला अधिवक्ताओं की सूची बनाने के लिए प्रयास करेंगे।
किस से संपर्क करें ?
अपने पतियों या ससुराल पक्ष द्वारा शोषण के विरुद्ध सहायता प्राप्त करने या शिकायत दायर करने के मामले में विदेशों में भारतीय महिलाएं उस देश में, जहां वे रह रही हैं, भारतीय मिशनों से संपर्क कर सकती हैं। भारतीय महिलाएं विदेशों में भारतीय महिला संगठनों, भारतीय सामुदायिक संघों तथा गैर-सरकारी संगठन के साथ संपर्क भी कर सकती है। ये संगठन आपदाग्रस्त पीड़ितों को जिनके नाम प्रवासी भारतीय मामले मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किए गए है, कानूनी सहायता प्रदान करते हैं। मिशनों में प्राप्त कानूनी सहायता हेतु आवेदनपत्रों की जांच मिशन के प्रमुख द्वारा नामनिर्दिष्ट किसी अधिकारी द्वारा मामला-दर-मामला आधार पर की जाएगी तथा उसे मिशन के प्रमुख/मिशन के उप-प्रमुख द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
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