विदेश
यह पृष्‍ठ अंग्रेजी में (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

बारंबार पूछे गए प्रश्‍न (एफ ए क्‍यू)

भारतीय राष्ट्रिकों के लिए उत्‍प्रवास नियम क्‍या हैं ? किस श्रेणी के व्‍यक्तियों के लिए उत्‍प्रवास जांच की आवश्‍यकता नहीं हैं?

भारतीय राष्ट्रिक जो रोजगार के उद्देश्‍य से विदेश जाना चाहते हैं, उनके लिए उत्‍प्रवास जांच की आवश्‍यकता है जो उत्‍प्रवासी संरक्षक (पीओई) द्वारा किया जाता है। व्‍यक्तियों/कर्मगारों की श्रेणी की सूची के लिए जिनके लिए उत्‍प्रवास जांच की आवश्‍यकता नहीं है, की जानकारी के लिए प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) की वेबसाइट देखें।.

क्‍या अनिवासी भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के व्‍यक्ति भारतीय बैंकों में खाता खोल सकते हैं?

जी, हां। अनिवासी भारतीय नागरिक भारत में रुपया और विदेशी मुद्रा खाता रख सकते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने कुछ बैंकों को अनिवासी भारतीय नागरिक के लिए विदेशी मुद्रा खाता के लिए प्राधिकृत किया है।

क्‍या अनिवासी भारतीय नागरिक के विवाह का पंजीकरण भारत में अनिवार्य हैं?

प्रवासी भारतीय दूल्‍हों और भारतीय लड़कियों के बीच असफल और धोखा-धड़ी वाले विवाह के संबंध में बार-बार प्राप्‍त किए गए रिपोर्टों को ध्‍यान में रखते हुए राष्‍ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्‍ल्‍यू) ने सिफारिश की है कि अनिवासी भारतीय नागरिक की शादी का पंजीकरण अनिवार्य बना दिया जाए। तथापि, अब तक सरकार ने इस संबंध में कोई कानून पारित नहीं किया है।

भारतीय शैक्षिक संस्‍थानों और विश्‍वविद्यालयों में अनिवासी भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के व्‍यक्ति के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिशत क्‍या है?

शैक्षिक संस्‍थानों में 15 प्रतिशत अधिसंख्‍य सीटों का ¼ (चिकित्‍सा को छोड़कर) अनिवासी भारतीय नागरिक बच्‍चों के लिए खाड़ी और दक्षिण पश्चिम एशिया में आरक्षित है।

भारत में वाणिज्यिक संपत्ति खरीदने के लिए क्‍या निवेशों की संख्‍या की कोई सीमा है ?

जी, नहीं। निवेश के लिए कोई सीमा नहीं है जो अनिवासी भारतीय नागरिक भारत में अचल वाणिज्यिक संपत्ति में कर सकता है।

कैसे एनआरआई और पीआईओ बच्‍चा गोद ले सकते हैं ?

भारत में बच्‍चा गोद लेने के लिए अनिवासी भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के व्‍यक्ति को केंद्रीय दत्‍तक ग्रहण एजेंसी (सीएआरए) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) से संपर्क करने की आवश्‍यकता है। सीएआरए सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्‍वायत्‍त निकाय है।

ओसीबी का क्‍या अर्थ है?

विदेशी नैगम निकाय (ओसीबी) का अर्थ है एक कंपनी, भागीदारी फर्म, संस्‍था या अन्‍य नैगम निकाय जिसका प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष स्‍वामित्‍व कम से कम 60 प्रतिशत की सीमा तक अनिवासी भारतीय के पास था, इसमें वे विदेशी न्‍यास शामिल है जिनमें 60 प्रतिशत से कम लाभकारी ब्‍याज अनिवासी भारतीय द्वारा प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष रूप से रखा जाता है परन्‍तु अप्रतिसंहरणीय है, जो 16 सितम्‍बर 2003 को अस्तित्‍व में थी और उसे विदेशी मुद्रा प्रबंधन विनिमयों के तहत सामा‍न्‍य अनुमति का पालन करते हुए लेन देन की पात्रता थी।

भारत में अनिवासी भारतीय नागरिक के लिए क्‍या-क्‍या निवेश विकल्‍प हैं?

अनिवासी भारतीय नागरिक भारत में निम्‍नानुसार निवेश कर सकते हैं:

  • प्रत्‍यावर्तन लाभ सहित स्‍वत: मार्ग के तहत निवेश
  • सरकारी अनुमोदन के साथ निवेश
  • प्रत्‍यावर्तन लाभ सहित अन्‍य निवेश
  • प्रत्‍यावर्तन लाभ के बिना 100 प्रतिशत इक्विटी तक निवेश
  • अनिवासी भारतीय नागरिक/ओसीबी द्वारा प्रत्‍यावर्तन लाभ के बिना अन्‍य निवेश।

प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय भारतीय लोगों के लिए विभिन्‍न निवेश अवसरों के संबंध में एक नजर में सूचना मुहैया कराने के लिए रेडी रेकनर (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) डिजाइन किया है।

क्‍या अनिवासी भारतीय नागरिक शेयर डिबेंचरों और म्‍यूचुअल फंड के यूनिटों में भारत में निवेश कर सकते हैं ?

जी, हां। अनिवासी भारतीय नागरिक सरकार और यूटीआई बांड, डिबेंचरों शेयरों और प्रतिभूतियों में निवेश कर सकते हैं यह फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होगा।

क्‍या अनिवासी भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के व्‍यक्ति धरोहर के रूप में भारत में कोई अचल संपत्ति का अधिग्रहण कर सकते हैं?

जी, हां। भारतीय मूल के विदेशी नागरिक धरोहर के रूप में भारत में अचल संपत्ति का अधिग्रहण कर सकते हैं। तथापि, पाकिस्‍तान, बंग्‍लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्‍तान, चीन, ईरान, नेपाल और भूटान के नागरिक (चाहे वे भारत में रहते हों या नहीं) उन्‍हें भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति के बिना अचल संपत्ति का अधिग्रहण करने या अंतरण करने से प्रतिसिद्ध किया जाता है।

क्‍या भारतीय मूल का व्‍यक्ति जो भारत के बाहर निवास करता है, फेमा के निबंधनों के अनुसार पहले अधिगृहीत उपहार में दे सकता है?

जी, हां। भारतीय मूल का व्‍यक्ति जो भारत के बाहर निवाल करता है, वह उपहार स्‍वरूप भारत में निवास करने वाले व्‍यक्ति को या भारत के बाहर रहने वाले व्‍यक्ति जो भारत का नागरिक है या भारतीय मूल का व्‍यक्ति जो भारत के बाहर निवास करता है, को रिहायशी या वाणिज्यिक संपत्ति का अंतरण कर सकता है।

यदि भारत में किसी समस्‍या का सामना करना पड़े तो एनआरआई और पीआईओ किससे संपर्क कर सकते हैं?

किसी प्रकार की शिकायत के मामले में अनिवासी भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के व्‍यक्ति उत्‍प्रवास संरक्षक से मंगलवार और शुक्रवार को 11.30 बजे से 12.30 अपराह्न तक बिना किसी पूर्व नियुक्ति के मिल सकते हैं। शिकायतों को ऑनलाइन भी indianemigration@nic.in पर पंजीकृत किया जा सकता है।

भारत सरकार द्वारा अनिवासी भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के व्‍यक्ति को कौन-कौन सी वित्‍तीय सेवाएं प्रदान की जाती है?

प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय (भारत सरकार) और यूटीआई बैंक में प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) में वेब समर्थित प्रवासी भारतीय सेवा (प्रवासी भारतीयों के लिए वित्‍तीय सेवाएं) मुहैया कराने के हाथ मिलाया है। यह साइट प्रवासी भारतीयों को विदेशों से भारत में अपने परिवार को धन भेजने और निवेश अवसरों के विषय में, कर संबंधी मुद्दों और भारत में स्‍थावर संपदा परिदृश्‍य से अवगत होने में समर्थ बनाती है।

किसी अनिवासी भारतीय / भारतीय मूल के व्‍यक्ति द्वारा एक डी मैट खाता कहां खोला जा सकता है? क्‍या एक अनिवासी भारतीय को इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमति लेने की जरूरत होती है?

एक अनिवासी भारतीय / भारतीय मूल का व्‍यक्ति एनएसडीएल के किसी डिपॉजटरी प्रतिभागी [डीपी] ने डीमेट खाता खोल सकता है। अनिवासी भारतीय / भारतीय मूल के व्‍यक्ति को डीपी से लिए गए प्रपत्र में खाता खोलने के लिए इसका प्रकार बताना होगा [‘निवासी’ की तुलना में ‘निवासी’ भारतीय] और उप प्रकार [‘प्रत्‍यावर्तन योग्‍य’ या ‘अप्रत्‍यार्वतन योग्‍य’] डी मेट खाता खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमति की आवश्‍यकता नहीं है। जबकि डीमेट खाते के नामे और खाते के लिए सामान्‍य या विशिष्‍ट अनुमति की जरूरत होगी, जैसा भी मामला हो, जो नामनिर्दिष्‍ट प्राधिकृ‍त डीलरों को देनी होगी।

अनिवासी भारतीय कब भारत का निवासी बनता है?

अनिवासी भारतीय को भारत में निवास करने वाला व्‍यक्ति माना जाएगा यदि वह निम्‍नलिखित प्रयोजन से भारत वापस आता या निवास करता हैं:

  • भारत में रोजगार लेने के लिए, या
  • भारत में व्‍यापार या व्‍यावसाय करने के लिए, या
  • अनिश्चित अवधि के लिए किसी अन्‍य प्रयोजन से।

यदि अनिवासी भारतीय / भारतीय मूल का व्‍यक्ति विभिन्‍न योजनाओं के तहत निवेश करना चाहता है तो क्‍या वह एक डीमेट खाते में इन सभी प्रतिभूतियों को धारित कर सकता है?

नहीं। ‘प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश योजना’ के तहत, ‘पोर्टफोलियो निवेश योजना’ और ‘निवेश हेतु योजना’ के तहत प्रत्‍येक निवेश में प्रतिभूतियां गैर प्रत्‍यावर्तन आधार पर प्राप्‍त की जाती हैं जिन्हें एक अलग डीमेट खाते में डाला जाना चाहिए। पीआईएस के तहत निवेश प्रत्‍यावर्तन अथवा गैर प्रत्‍यावर्तन आधार पर हो सकता है। एफडीआई योजना के तहत निवेश प्रत्‍यावर्तन आधार पर किया जाता है।

क्‍या अनिवासी भारतीय नागरिक भारत में अपने बैंक खाता के एवज में ऋण ले सकता है ? यदि हां, तो किस प्रयोजन के लिए ?

कुछ बैंक हैं जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्राधिकृत है उन्‍हें एनआरआई, एनआरओ और एफसीएनआर खाता, भारत में धारित करने वाले अनिवासी भारतीय नागरिक को उनकी सावधि जमा की जमानत पर ऋण देने के लिए अनुमति दी गई है।

अनिवासी भारतीय नागरिक फ्लैट/भारत में आवास खरीदने के लिए प्रवर्तनीय आधार पर अनिवासी भारतीय नागरिक या एफसीएनआर नियत जमा के एवज में ऋण ले सकते हैं, बशर्ते कि प्रत्‍यवर्तित राशि विदेशी मुद्रा प्रबंधन विनियमन (स्‍थावर संपत्ति का भारत में अधिग्रहण और अंतरण) द्वारा शासित हो।

क्‍या भारत में बैंक खाता रखने के लिए अनिवासी भारतीय नागरिक को भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्वानु‍मति की आवश्‍यकता है?

अनिवासी भारतीय नागरिक भारत में भारतीय रिज़र्व बैंक की पूर्वानुमति के बिना बैंक खाता खोल और प्रचालित कर सकते हैं।

कौन-कौन से बैंक अनिवासी भारतीय नागरिक के लिए बैंक खाता खोलने के लिए प्राधिकृत हैं?

प्राधिकृत व्‍यापारियों की सूची के लिए जो भारत में अनिवासी भारतीय नागरिक के नाम से खाता खोल सकते हैं, आरबीआई नियमावली (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) देखें।

क्‍या ओसीबी को अनिवासी भारतीय नागरिक के लिए पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत निवेश करना अनुमत है ?

आरबीआई ने ओसीबी (विदेशी कार्पोरेट निकायों) को पोर्टफोलियो योजना के तहत निवेश करना निषेध किया था जो केवल एनआरआई के लाभ के लिए है। वास्‍तव में ओसीबी की श्रेणी संपूर्ण रूप से समाप्‍त कर दी गई है और वे भारत में किसी भी तरीके से निवेश कर सकते हैं। तथापि, ओसीबी 29 नवम्‍बर, 2001 से पहले खरीदे गए शेयरों को बेच सकते हैं और अपने पास रख सकते हैं।

पीआईओ कार्ड और ओसीबी कार्ड के लिए आवेदन करने का शुल्‍क क्‍या है ?

पीआईओ कार्ड और ओसीबी कार्ड आवेदन के साथ भुगतान करने का शुल्‍क 1,150 रुपए और 12,650 रुपए क्रमश: है। राशि का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के माध्‍यम से किया जाता है जो वेतन एवं लेखा अधिकारी (सचिवालय) गृह मंत्रालय के पक्ष में नई दिल्‍ली में भुगतान योग्‍य होता है।

भारतीय लोगों के संबंध में कौन-कौन से संक्षिप्‍त रूपों और शब्‍दों का उपयोग किया जाता है ?

नीचे संक्षेपणों की सूची उनके पूर्ण रूपों के साथ दी गई है जो भारतीय लोगों के संबंध में प्रयुक्‍त विशिष्‍ट शब्‍दों से संबंधित संभ्राति कम करेगी।

  • ईसीआर- उत्‍प्रवास जांच अपेक्षित
  • एफईएमए- विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम
  • एफआईपीबी- विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड
  • केआईपी- भारत का कार्यक्रम जानें
  • एमईए- विदेश मंत्रालय
  • एमएचए- गृह मंत्रालय
  • एमओआईए- प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय
  • एनआरआई- अनिवासी भारतीय
  • ओसीबी- प्रवासी कार्पोरेट निकाय
  • ओसीआई- भारत की विदेशी नागरिकता
  • पीबीडी- प्रवासी भारतीय दिवस
  • पीआईओ- भारतीय मूल के व्‍यक्ति
  • जेसीआई- संयुक्‍त आयोग अंतरराष्‍ट्रीय

और अधिक बार बार पूछे जाने वाले प्रश्‍न (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल