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चंडीगढ़

ब्यौरे विवरण
क्षेत्रफल 114 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्‍या 900,635
राजधानी चंडीगढ
मुख्‍य भाषाएं हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी

इतिहास और भूगोल


फ्रांसीसी वास्‍तुशिल्‍पी ला कार्बूजिए
द्वारा निर्मित विधान सभा भवन, चंडीगढ़

चंडीगढ़ आधुनिक शिल्‍पकला के वैभव से संपन्‍न प्रदेश है। शिवालिक पहाडियों की नयनाभिराम तलहटी में बसा चंडीगढ़ वास्‍तविक अर्थों में एक खूबसूरत शहर है। फ्रांसीसी वास्‍तुशिल्‍पी ला कार्बूजिए द्वारा निर्मित यह शहर आधुनिक स्‍थापत्‍य कला तथा नगर नियोजन का शानदार उदाहरण है। चंडीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्र को पहली नवंबर, 1966 को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया। यह हरियाणा और पंजाब दोनों की राजधानी भी है। इसके उत्तर और पश्चिम में पंजाब तथा पूर्व और दक्षिण में हरियाणा है।

प्रशासन

चंडीगढ़ प्रशासन मोटे तौर पर चार मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है। पहला यह कि इसका उद्देश्‍य सूचना और प्रौद्योगिकी मदद से सुगम और पारदर्शी प्रशासन देना है। यह सूचना अधिकार कानून के प्रावधानों को सबसे पहले लागू करने वालों में से है। कई सेवाएं, जिनके लिए पहले लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्‍कर लगाने पडते थे, अब कंप्‍यूटर और मोबाइल फोनों पर उपलब्‍ध हैं। सारे नियमों की इस दृष्टि से समीक्षा की जा रही है कि उन्‍हें किस तरह सरल बनाया जाए ताकि वे आम आदमी के अनुकूल हो सकें। उद्देश्‍य यह है कि झंझट कम से कम हो और नागारिकों को प्रशासन के चक्‍कर कम से कम काटने पडें।

दूसरा यह कि प्रशासन करने वाली आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्‍साहित करके आर्थिक ज्ञान पर आधारित उद्योग, उच्‍चस्‍तरीय वाणिज्यिक कार्यकलाप जैसी अधिक मूल्‍यवर्द्धक सुविधाएं प्रदान विकास की उच्‍च दर प्राप्‍त करने के लिए काम कर रहा है। चंडीगढ़ में प्रति व्‍यक्ति आय पहले से ही देश में सबसे ज्‍यादा है और सरकार चाहती है कि उस आधार को सुधारा जाए।

तीसरा यह कि प्रशासन बिजली आपूर्ति, जल आपूर्ति, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा सेवा जैसी मूलभूत सेवाएं और सार्वजनिक परिवहन की ऐसी सेवाएं प्रदान करना चाहता है जो उन्‍नत देशों के मुकाबले की है। इसमें समय लगेगा लेकिन यह इच्‍छा जल्‍दी ही पूरी होगी।

चौथा यह कि प्रशासन इस वास्‍तविकता के प्रति पूरी तरह सचेत है कि विकास का लाभ प्रत्‍येक व्‍यक्ति तक समान रूप से नहीं पहुंचता। इसलिए इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि विकास उन लोगों तक पहुचें जहां अभी तक नहीं पहुंचा है।

कृषि

चंडीगढ़ में कृषि योग्‍य बहुत कम है। चंडीगढ़ शहर के विस्‍तार के लिए कृषि भूमि धीरे-धीरे अधिग्रहीत की जा रही है और कृषि-क्षेत्र, जो 1966 में 5,441 हेक्‍टेयर था, 2002-03 में घटकर 1,400 हेक्‍टेयर रह गया। सिंचाई का मुख्‍य स्रोत प्रशासन द्वारा स्‍थापित गहरे बोर वाले ट्यूबवैल तथा किसानों द्वारा लगाए गए साधारण ट्यूबवैल हैं। यहां की मुख्‍य फसल गेहूं है जो 700 हेक्‍टेयर में बोया जाता है। यहां के कृषि विभाग ने फसल कटाई की तकनीक को सुधारने के लिए निम्‍न उपाय किए हैं:

  1. किसानों की अध्‍ययन/प्रशिक्षण यात्रा
  2. बागवानी का विकास
  3. मृदा व जल संरक्षण।

उद्योग

प्रशासन द्वारा मोली जागरण गांव के राजस्‍व एस्‍टेट में औद्योगिक क्षेत्र के तीसरे चरण का विकास किया गया है। यहां 152 एकड़ भूमिका अधिग्रहित की गई है।

लगभग 17 साल के अंतराल के बाद चंडीगढ़ को सभी संघ राज्‍य क्षेत्रों के बीच रजत पदक प्रदान किया गया जो भारतीय अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार मेला, 2007, नई दिल्‍ली में इसके उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन हेतु दिया गया।

विद्युत

चंडीगढ़ को अपनी विद्युत आवश्‍यकताएं पूरी करने के लिए आस पास के राज्‍यों और केंद्रीय उत्‍पादन परियोजनाओं से बिजली मिलती है। भाखड़ा संकुल में कुल विद्युत उत्‍पादन में इसकी हिस्‍सेदारी 3.5 प्रतिशत है। पुन:, ताप नाभिकीय और गैस आधारित केंद्रीय उत्‍पादन परियोजनाओं से 82.9 मेगावॉट का ठोस आबंटन मिलता है। इस कमी को बी बी एम बी के अलावा केंद्रीय उत्‍पादन परियोजनाओं से तदर्थ आबंटन के माध्‍यम पूरा किया जा रहा है। शहर के आस पास सभी गांवों में बिजली है और सार्वजनिक रोशनी को विस्‍तारित किया गया है। विभिन्‍न सरकारी भवनों में लगभग 20,000 ऊर्जा सक्षम लैम्‍प लगाए गए हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी

चंडीगढ़ प्रशासन की दूरदर्शी परियोजना राजीव गांधी चंडीगढ़ टेक्‍नोलॉजी पार्क (आरजीसीटीपी) का निर्माण कार्य पूरी गति से जार है। तीसरे चरण के पूरा होने पर 35000 व्यावसायिकों को प्रत्‍यक्ष रोजगार मिलेगा और इस प्रकार आरजीसीपीपी के प्रत्‍यक्ष रोजगार की संख्‍या बढ़ कर 67000 हो जाएगी और इससे चंडीगढ़ में 2,00,000 अप्रत्‍यक्ष रोजगारों का सृजन होगा। आरजीसीटीपी के उद्यमी विकास केन्‍द्र की स्‍थापना लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्रफल में की जा रही है। यह केन्‍द्र इस वर्ष प्रचालनरत होगा।

सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करने तथा जल समूह को तीव्र और प्रयोक्‍ता अनुकूल सेवाएं देने के लिए चंडीगढ़ एक आदर्श बन गया है। ई शासन पहल के तहत विभाग द्वारा धानास, हुडाजासू, कैम बावाला, रायपुर खुर्द, रायपुर कलां, माखन माजरा और बहलाना गांवों में सात अन्‍य ग्राम संपर्क केन्‍द्र 2007 के दौरान स्‍थापित किए गए हैं। गांव पनसोड़ा, दादूमाजरा, हालो माजरा, खुदा अलीशेर, दरिया, मोली जागरण और मलोया में सात और ग्राम संपर्क केन्‍द्र प्रचालनरत बनाए गए हैं।

मौजूदा केन्‍द्रों के अतिरिक्‍त कुछ अन्‍य संपर्क केन्‍द्रों का प्रस्‍ताव है और नई सेवाएं जैसे बीएसएनएल बिलों का भुगतान, बिजली के बिल, पानी के बिल, एलआईसी प्रीमियम का भुगतान, स्‍कूलों की फीस का भुगतान और नलकूप बुक करना और विशेष रूप से ग्रामीण नागरिकों के लिए इन सेवाओं को शामिल किया गया है अथवा इनके लिए जो इसकी प्रतीक्षा में है।

प्रशासन ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कार्यरत है। टाटा बीपीसोलर लि. को वनस्‍पति उद्यान में राज्‍य स्‍तरीय ऊर्जा पार्क बनाने का क्रयादेश दिया गया है। सौर प्रकाश पहल के तहत गांवों की सभी स्‍ट्रीट लाइटों के स्‍थान पर सौर आधारित स्‍ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।

बिजली

संघ राज्‍य क्षेत्र के सभी निवासियों को पर्याप्‍त बिजली के प्रावधानों पर प्रशासन का ध्‍यान है। वॉल्‍टेज प्रोफाइल में सुधार लाने तथा संघ राज्‍य क्षेत्र के बिजली वितरण नेटवर्क पर लोड को कम करने के लिए विद्युत स्‍कंध में 80 एमवीएआर स्‍वचालित केपेसिटर बैंक जोड़ने की योजना बनाई है जिसे संघ राज्‍य क्षेत्र के आस पास अलग अलग बिंदुओं पर विभिन्‍न मौजूदा 66 केवी ग्रिड सबस्‍टेशन पर लगाया जाएगा।

सीएफएल का उपयोग सभी सरकारी भवनों के लिए अनिवार्य बनाया गया है। इसी प्रकार सभी संस्‍थागत भवनों में उनके संकुलों के अंदर पार्किंग स्‍थलों पर सौर प्रकाश प्रदान किया जाएगा।

विद्युत स्‍कंध ने वितरण तथा पारेषण की कमी के लक्ष्‍यों को 20.89 प्रतिशत से घटाकर 12.29 प्रतिशत कर दिया गया है। यह कमी लगभग 1.5 प्रतिशत है। अगले वर्ष में यह कमी 1.4 प्रतिशत तक कम करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीण विकास

समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सुग्राही बनाने के लिए उनके अधिकारों के विषय में तथा राज्‍य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा उन्‍हें दिए जाने लाभों की जानकारी प्रदान करने के लिए 14 कानूनी जागरूकता गोष्ठियां संघ राज्‍य क्षेत्र के अलग अलग गांवों में पहले ही आयोजित की गई हैं।

गांव खजेरी और पलसोरा में सीमेंट कंक्रीट पेविंग और भूमिगत नालियां बनाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। गांव मोली जागरण में 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।

वाणिज्‍य और व्‍यापार

उद्यमियों के लिये अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्‍य से सभी बड़े फैसले उनसे परामर्श करके लिए जाते हैं। चंडीगढ प्रशासन ने उत्‍पाद शुल्‍क नीति 2006-07 को लागू करने से पहले इस पर जनता की राय मांगी है। भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी शराब के कारखानों से संबंधित उत्‍पाद शुल्‍क नीति/कराधान/‍अधिनियम कानूनों को आधार बनाकर उत्‍पाद शुल्‍क नीति का प्रारूप तैयार किया गया है। इसके साथ यह उत्‍पाद शुल्‍क तथा अन्‍य करों की चोरी की जांच करेगी और प्रशासन की राजस्‍व को बढाएगी।

चंडीगढ केंद्रशासित प्रदेश में व्‍यावसायिक कार्यकलापों को बढाने के लिए, एक व्‍यापार से दूसरे व्‍यापार में जाने वालों के लिए हाल ही में उदारीकरण की घोषणा की गई है। इस नीति के तहत व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठानों के भूमि तल पर व्‍यापार बदलने की प्रक्रिया को नि:शुल्‍क करने की घोषणा की गई है। अब व्‍यापारिक परिसरों के भूमितल के व्‍यापारी बिना कोई शुल्‍क दिए अथवा आवेदन किए अपनी व्‍यापार बदल सकते हैं।

खेल

प्रशासन ने सेक्‍टर 18 में बालिका हॉकी अकादमी खोली है और जल्‍दी ही यह क्रिकेट तथा फुटबॉल के लिए बालिका अकादमी खोलने जा रहा है। प्रशासन द्वारा भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच 8 अक्‍तूबर 2007 को एक दिवसीय अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया और इसके लिए सेक्‍टर 16 के क्रिकेट स्‍टेडियम का उन्‍नयन किया गया। अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर की विभिन्‍न सुविधाएं और नवीनतम भूमि उपकरण यहां जोड़े गए हैं। एक नया एथलीट एवं फुटबॉल स्‍टेडियम सेक्‍टर 56 में आधुनिकतम सुविधाओं के साथ बनाया जाएगा, जिसमें 40 हजार दर्शकों के बैठने की जगह होगी और इसकी प्रक्रिया पहले ही आरंभ की गई है। बास्‍केट बॉल, वॉली बॉल, जूडो तथा कुश्‍ती के लिए इंडोर प्रावधान इस स्‍टेडियम में प्रदान किए जाएंगे।

वर्ष 2007 में चंडीगढ़ खेल परिषद द्वारा दो आंतरिक अकादमी गठित की गई जो हॉकी तथा क्रिकेट के लिए संघ राज्‍य क्षेत्र में उच्‍च वर्ग के प्रथम दर्जें के खिलाडियों को तैयार करने के लिए थीं। ठहरने और भोजन की व्‍यवस्‍था के साथ उनकी शिक्षा, खुराक, खेलने के सामान आदि की सभी सुविधाएं इन अकादमियों के प्रशिक्षुओं को मुफ्त प्रदान की जा रही हैं।

सामाजिक कल्‍याण

सामाजिक कल्‍याण प्रशासन का एक मुख्‍य फोकस रहा है। अनेक जन अनुकूल तथा नवाचारी योजनाएं प्रशासन द्वारा आरंभ की गई हैं। जातिगत भेदभाव की संकीर्णता को मिटाने के‍ लिए तथा अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए विवाहित जोड़ो को 5000 की राशि दी जाती है, जिनमें से एक अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्‍य हो। प्रशासन ने यह राशि बढ़ाकर 50,000 रु. कर दी है।

बालिका समृद्धि योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों में जन्‍म लेने वाली बालिका को 500 रु. दिए जाते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने विशेष आवश्‍यकताओं वाले 50 बच्‍चों के लिए एक तैयारी करने वाला विद्यालय स्‍थापित करने का निर्णय लिया है जो प्रयास भवन, सेक्‍टर 37 के परिसर में चलाया जाएगा। वार्षिक योजना 2008 – 09 में उपकरण तथा अन्‍य अनुषंगी व्‍यय के लिए 14 लाख रु. के परिव्‍यय का प्रस्‍ताव है।

मलोया में निराश्रित बच्‍चों के लिए 900 बच्‍चों हेतु प्रशिक्षण प्रदान करने की क्षमता के साथ व्‍यावसायिक प्रशिक्षण केन्‍द्र निर्माणा‍धीन है। प्रशासन ने बाल हेल्‍पलाइन स्‍थापित की है।

स्‍वास्‍थ्‍य

शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय और अस्‍पताल, सैक्‍टर 32 आधुनिकतम सुविधाओं के साथ दूर चिकित्‍सा परियोजना आरंभ की गई। इसका लक्ष्‍य पीजीआई के विशेषज्ञता क्षेत्रों के डॉक्‍टरों की विशेषज्ञ सलाह का लाभ उठाने के लिए जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना तथा उन्‍हें उच्‍च गुणवत्‍ता चिकित्‍सा सेवाएं दी जा सकें।

शासकीय बहु विशेषज्ञता अस्‍पताल (जीएमएसएच), सैक्‍टर 16 आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर सहित 28 बिस्‍तरों वाली एक अभिघात इकाई जोड़कर उन्‍नत बनाया गया है।

प्रशासन ने प्रत्‍येक मां और बच्‍चा 5273 रु. की लागत पर संघ राज्‍य क्षेत्र में प्रजनन और बाल स्‍वास्‍थ्‍य के निगरानी योग्‍य सूचकांकों में सुधार के लिए परियोजना आरंभ की है।

शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय और अस्‍पताल, चंडीगढ़ में पूर्व एनेस्थिसिया और पश्‍चात एनेस्थिसिया कक्षों और ऑपरेशन पश्‍चात के वॉर्ड सहित सात ऑपरेशन कक्षा स्‍थापित किए गए। मानसिक रूप से अवमंदित व्‍यक्तियों के लिए एक आवासीय गृह ‘समर्थ’ भी सेक्‍टर 15, चंडीगढ़ में बनाया गया है। जीएमसीएच के पात्र संकाय कर्मचारियों को रहने के लिए लगभग 5.6 करोड़ रु. की विशाल राशि स्‍वीकृत की गई है।

शिक्षा

चंडीगढ़ प्रशासन अपनी विश्‍व स्‍तरीय परियोजना के साथ आगे आ रहा है, जो है बहु संस्‍थागत चंडीगढ़ शिक्षा शहर जो 130 एकड़ क्षेत्रफल में सारंगपुर में बनाया जा रहा है। प्रशासन ने सामान्‍य श्रेणी की बालिकाओं के लिए उपस्थिति छात्रवृत्ति 30 रु. प्रति माह से बढ़ाकर 250 रु. की है। यह छात्रवृत्ति कक्षा 1 से कक्षा 5 के लिए है। अनु. जाति के लड़कों और लड़कियों के बीच नामांकन और शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कक्षा 1 से कक्षा 8 में पढ़ने वाले अनु. जाति के छात्रों को उपस्थिति छात्रवृत्ति को 6 से 14 वर्ष के आयु समूह में 30 रु. प्रति माह से बढ़ाकर 250 रु. करने का निर्णय लिया है।

यह निर्णय लिया गया है कि कक्षा 9वीं से 12वीं के अनु. जाति/अनु. जनजाति विद्यार्थियों की स्‍कालरशिप बढ़ाई जाएगी है; 300 रुपए प्रति माह और आने वाले समय में 20 से 25 रु ।

चंडीगढ़ प्रशासन ने उन मुस्लिम, इसाई, अन्‍य पिछड़े वर्गों, विकलांगों, स्‍वतंत्रता सेनानियों के बच्‍चों, पूर्व-सैनिकों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के बच्‍चों को ट्यूशन शुल्‍क से छूट दी है जिनकी आय 1.5 लाख रु. प्रति वर्ष से कम है। अल्‍प आय वर्गों और झुग्गियों में रहने वाले परिवारों के बच्‍चों को प्रोत्‍साहन 250 रु. प्रति माह ताकि उन बच्‍चों के नए नामांकन किए जा सकें जो अभी तक कहीं पढ़ाई नहीं कर रहे हैं।

परिवहन

प्रशासन ने अनेक नवाचारी और नवीन उपाय किए हैं, जैसे कि विवाह पर्यटन। दक्ष चिकित्‍सा, शिक्षा और मनोरंजन उन्‍मुख सुविधाओं पर फोकस सहित प्रशासन की ओर से सिनेमा पर्यटन, खेलों, चिकित्‍सा पर्यटन को भी बड़े स्‍तर पर बढ़ावा दिया जाता है। चंडीगढ़ का अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा इस क्षेत्र में पर्यटन की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध हुआ है।

आवास

चंडीगढ़ आवास मंडल अनेक परियोजनाओं पर कार्यरत है। यह मंडल ‘चंडीगढ़ छोटे घर की योजना-2006' के कार्यान्‍वयन के लिए एक नोडल एजेंसी होने के नाते वर्ष के दौरान 25,728 एक कमरे वाले घर निर्मित करने के कार्यान्‍वयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है। जो दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत सेक्‍टर 49 में 1024 फ्लेट और सेक्‍टर 38 (पश्चिम) में 1120 फ्लेट बनाने का कार्य पहले ही आरंभ किया जा चुका है। इसी प्रकार शेष 6 स्‍थानों का निर्माण का कार्य आने वाले समय में आरंभ किया जाएगा।

मंडल ने वर्ष के दौरान 56 सेक्‍टर में 326 प्री फैब शेल्‍टर निर्मित किए हैं जो शहर में कचरा बिनने वाले लोगों के लिए आबंटित किए जाने हैं। सेक्‍टर -49 में 400 ईडब्‍ल्‍यूएस घर तथा सेक्‍टर-38 (पश्चिम) में 288 घर इस योजना के तहत बनाए जा रहे है और इनके फरवरी, 2009 तक पूरा हो जाने की आशा है।

मंडल द्वारा प्रशासन के कर्मचारियों को रिहायशी इकाइयों के आबंटन के लिए मंडल द्वारा एक विशेष स्‍वयं निधिकरण आवास योजना आरंभ की गई है, जिसे सेक्‍टर-52 और 56 में 45.5 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। अगले 3 वर्षों के दौरान सेवानिवृत्ति होने वाले कर्मचारियों के लिए तथा पिछले 3 वर्षों में सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचरियों के लिए 5% आवास आरक्षित किए गए हैं। शारीरिक विकलांग व्‍यक्तियों के लिए 3% घर आरक्षित किए गए है।

सेक्‍टर 26 (पूर्व) मद्रासी कॉलोनी में झुग्‍गी झोंपडियों में रहने वाले लोगों द्वारा खाली की गई भूमि की उपयोगिता के लिए एक कदम के रूप में मंडल ने इस क्षेत्र में 160 ईडब्‍ल्‍यूएस घरों का निर्माण शुरू किया है। यह कार्य मार्च 2009 में पूरा होने की आशा है।

एक कमरे वाले 256 और दो कमरों वाले 208 घरों का निर्माण प्रगति पर है और जून 2008 तक इसके पूरा हो जाने की आशा है। 400 ईडब्‍ल्‍यूएस और 288 ईडब्‍ल्‍यूएस घरों का निर्माण मार्च 09 तक पूरा होने की आशा है।

नगर निगम

चंडीगढ़ नगर निगम ने 28 करोड़ रु. की लागत से डिगियन में मल जल उपचार संयंत्र का उन्‍नयन किया है। नगर निगम को पानी की आपूर्ति तथा सीवेज / ड्रेनेज सेवाओं में प्रथम पुरस्‍कार भारत सरकार की ओर से दिया गया, जिसे भारत के प्रधानमंत्री ने प्रदान किया।

पानी की आपूर्ति पर नजर और निगरानी रखने के लिए 700 करोड़ रु. की लागत से पर्यवेक्षण नियंत्रण रखने के लिए 700 करोड़ रु. की लागत से एक आंकड़ा अधिग्रहण प्रणाली लगाई गई है। इससे बिजली की खपत में कमी आएगी और प्रति वर्ष प्रचालन तथा अनुरक्षण लागत में 3 करोड़ रु. की बचत होगी।

पीने के पानी की बचत और दृश्‍यावली के लिए अतिरिक्‍त पानी हेतु छत्तीस करोड़ रु. की परियोजना ली गई है। इस परियोजना से 10 एमजीबी तृतीयक जल का उत्‍पादन किया जाएगा। सेक्‍टर 15 में मौजूदा धोबी घाट को स्‍वचालित लॉन्‍ड्री माट में बदल दिया गया है, जो भारत में अपने प्रकार का एक अनोखा है।

शहर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए पर्यावरण का और भी उन्‍नयन किया गया है। नगर निगम में 30.00 करोड़ रु. की लागत से 10 एकड़ भूमि में दादू माजरा में एक ठोस अपशिष्‍ट प्रसंस्‍करण संयंत्र स्‍थापित किया है।

पर्यटन स्‍थल


रॉक गार्डन, चंडीगढ़

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा मास रेपिड परिवहन प्रणाली को शीघ्र ही आरंभ करने का निर्णय लिया गया है ताकि परिवहन प्रणाली को प्रयोक्‍ता अनुकूल बनाया जा सके। संघ राज्‍य प्रशासन और पंजाब तथा हरियाणा की राज्‍य सरकारें परियोजना के कार्यान्‍वयन में एक साथ कार्य कर रही हैं।

प्रशासन द्वारा शीघ्र ही वातानुकूलित और डबल डेकर बसों को शहर में लाया जाएगा। वर्ष 2007-08 के दौरान 85 बसें खरीदी और सड़कों पर लाई गई हैं।

सीटीयू ने अपनी 70 प्रतिशत कार्यशैली का कम्‍प्‍यूटरीकरण किया है और अब यह आगे कम्‍प्‍यूटरीकरण की प्रक्रिया में है। उपक्रम द्वारा चरण गत रूप से अपने बेड़े की निगरानी के लिए एक ग्‍लोबल पॉजीशनिंग प्रणाली स्‍थापित करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। आईएसबीटी सेक्‍टर 43 के पहले चरण ने काम करना आरंभ कर दिया है और इसका दूसरा चरण इस वर्ष के अगले दौर में पूरा हो जाने की आशा है।

स्रोत: भारत २००८ - एक संदर्भ वार्षिक