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गोवा

ब्यौरे विवरण
क्षेत्रफल 3,702 वर्ग कि.मी.
जनसंख्‍या 1,343,998
राजधानी पणजी
मुख्‍य भाषाएं कोंकणी तथा मराठी

इतिहास और भूगोल

गोवा प्राचीनकाल में गोमांचल,गोपकपट्टनम, गोपपुरी, और गोमांतक आदि कई नामों से विख्‍यात रहा है। इस प्रदेश की लंबी ऐतिहासिक परंपरा रही है। गोवा के प्रारंभिक इतिहास के संबंध में स्‍पष्‍ट जानकारी नहीं है। ईसा पूर्व पहली शताब्‍दी मे गोवा सातवाहन साम्राज्‍य का इस पर शासन रहा। 14वीं शताब्‍दी के अंत में यादवों का साम्राज्‍य समाप्‍त हुआ और दिल्‍ली के खिलजी वंश ने इस पर अपना अधिकार किया। इस प्रकार गोवा मुस्लिम शासकों के अधीन आ गया। सन 1489 में वास्‍कोडिगामा द्वारा भारत के लिए समुद्री मार्ग की खेज के बाद कई पुर्तगाली यात्री भारत पहुंचे। सन 1510 में एल्‍फांसो द अलबुकर्क ने विजयनगर के सब्राट की सहायता से गोवा पर आक्रमण करके इस पर कब्‍जा कर लिया। सन 1542 में जेसुइट संत फ्रांसिस जेवियर के आगमन से गोवा में धर्म परिवर्तन का काम आरंभ हुआ। 17 वीं शताब्‍दी के उत्तरार्द्ध के कुछ वर्षो को छोड़कर, जब शिवाजी ने गोवा तथा उसके आसपास के कुछ क्षेत्रों पर अधिकार किया, समूचे क्षेत्र पर पुर्तगालियों का शासन जारी रहा। भारत के स्‍वतंत्र हाने के बाद भी गोवा पुर्तगालियो के कब्‍जे में रहा, किंतु पुर्तगाली शासक गोवावासियों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पाए और अंतत: 19 दिसंबर, 1961 को गोवा को मुक्‍त करा लिया गया और इसे दमन तथा दीव के साथ मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्‍य को दर्ज दिया गया और दमन तथा दीव को अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया।

गोवा भारतीय प्रयद्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है जो गोवा को महाराष्‍ट्र से अलग करती है। इसके दक्षिण में कर्नाटक का उत्तर कन्‍नड़ जिला और पूर्व मे पश्चिमी घाट तथ पश्चिम में अरब सागर है। पणजी, मड़गाव, वास्‍को, मापुसा, तथा पोंडा राज्‍य के प्रमुख शहर हैं।

कृषि

चावल यहां की मुख्‍य खाद्य फसल है। इसके अलावा दालें, रागी तथा कुछ अन्‍य खाद्य फसलें भी उगाई जाती हैं। नारियल, काजू, सुपारी तथा गन्‍ने जैसी नकदी फसलों के साथ-साथ यहां अनन्‍नास, आम और केला भी होता है। राज्‍य में 1,424 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में घने बन हैं।

सिचाई और बिजली

राज्‍य में सेलाउलिम और अंजुनेम जैसे बांधों और अन्‍य लघु सिंचाई परियोजनाओं के चालू हो जाने से सिंचित क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं से अब तक कुल 43,000 हेक्‍टेयर की सिंचाई क्षमता उपलब्‍ध हो सकी है। राज्‍य के सभी गांवों में बिजली पहुचाई जा चुकी है और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्‍य प्राप्‍त किया जा चुका है।

उद्योग तथा खनिज

राज्‍य में लघु उद्योगों की संख्‍या 7110 है और 20 औद्योगिक परिसर हैं। राज्‍य के खनिज उत्‍पादों में फैरो मैंगनीज, बॉक्‍साइट, लौह-अयस्‍क आदि शामिल हैं और इनके निर्यात से राज्‍य की अर्थवस्‍था में महत्‍वपूर्ण योगदान मिलता है।

परिवहन

सड़कें: राज्‍य में राघ्‍ट्रीय राजमार्गो की लंबाई 224 किलोमीटर तथा प्रांतीय राजमार्गो की लंबाई 232 किलोमीटर है। इसके अलावा 815 किलोमीटर जिला मार्ग हैं।

रेलवे: गोवा कोंकण रेलवे के माध्‍यम से मुंबई, मंगलोर और तिरुवनंतपुरम से जुड़ा है। इस रेलमार्ग पर अनेक तेज-रफ्तार रेलगाडियां शुरू की गई हैं। वास्‍कोडिगामा दक्षिण मध्‍य रेलवे के बंगलौर और बेलगांव स्‍टेशनों से जुड़ा है। इस मार्ग का इस्‍तेमाल फिलहाल माल यातायात के लिए हो रहा है।

उड्डयन: डबोलिम हवाई अड्डे से मुंबई, दिल्‍ली, तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, चेन्‍नई, अगाती और बंगलौर के लिए निर्मित विमान सेवाएं हैं।

बंदरगाह: मरमुगाव राज्‍य का प्रमुख बंदरगाह है। यहां मालवाहक जहाजों के लिए सुविधाएं उपलब्‍ध है। इसके अलावा पणजी, तिराकोल, चपोरा बेतूल और तालपोना में भी छोटे बंदरगाह हैं, मगर इनमें से पणजी प्रमुख व्‍यस्‍त बंदरगाह है। हाल में यहां जहाजों के लिए एक पत्तन (पोर्ट) चालू हुआ हैं।

पर्यटन स्‍थल


अंजुना बीच गोवा

बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस

गोवा के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थल हैं-कोलवा,कालनगुटे, वागाटोर, बागा, हरमल, अंजुना और मीरामार समुद्र तट:, पुराने गोवा में बैसीलिका ऑफ बोम जीसस और से-केथेड्रल चर्च; कावलेम, मारडोल, मंगेशी तथाबनडोरा मंदिर; अगुडा तेरेखोल, चपोरा और काबो डि रामा किले; प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध दूधसागर और हरवालेम जलप्रपात तथा माएम झील हैं। राज्‍य में समृद्ध वन्‍यप्राणी उद्यान हैं, जैसे-बोंडला, कोटीगाव तथा मोलेम वन्‍यप्राणी उद्यान और चोराव में डा. सालिम अली पक्षी उद्यान, जिसका कुल क्षेत्रफल 354 वर्ग किलोमीटर है।

स्रोत: भारत २००८ - एक संदर्भ वार्षिक