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बिहार

ब्यौरे विवरण
क्षेत्रफल 94,163 वर्ग कि.मी.
जनसंख्‍या 82,878,796
राजधानी पटना
मुख्‍य भाषा हिंदि

इतिहास और भूगोल

बिहार का उल्‍लेख वेदों, पुराणों और प्राचीन महाकाव्‍यों आदि में मिलता है और यह राज्‍य महात्‍मा बुद्ध और 24 जैन तीर्थकरों की कर्मभूमि रहा हैं। ईसा पूर्व काल में इस क्षेत्र पर बिम्‍बसार, पाटलिपुत्र शहर की स्‍थापना करने वाले उदयन, चंद्रगुप्‍त मौर्य और सम्राट अशोक सहित मौर्य, शुंग तथा कण्‍व राजवंश के नरेशों ने राज किया इसके पश्‍चात कुषाण शासकों का समय आया और बाद में गुप्‍त वंश के चंद्रगुप्‍त विक्रमादित्‍य ने बिहार पर राज किया। मध्‍यकाल में मुस्लिम शासकों का इस क्षेत्र पर अधिकार रहा। बिहार पर सबसे पहले विजय पाने वाला मुस्लिम शासक मोहम्‍मद बिन बख्तियार खिलजी था। खिलजी वंश के बाद तुगलक वंश तथा मुगल वंश का आधिपत्‍य था।

बिहार भारत के प्रमुख राज्‍यों में से एक है। इसके उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल पश्चिम में उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण में झारखंड राज्‍य हैं । यहां अनेक नदियां बहती हैं जिनमें प्रमुख है गंगा। अन्‍य नदियां हैं- सोन, पुपुन, फल्‍गु, कर्मनाशा, दुर्गावती, कोसी, गंडक, घाघरा आदि।

कृषि

बिहार का कुल भौगोलिक क्षेत्र लगभग 93.60 लाख हेक्‍टेयर है जिसमें से केवल 56.03 लाख हेक्‍टेयर पर ही वास्‍तव में खेती होती है। वैसे राज्‍य में लगभग 79.46 लाख हेक्‍टेयर भूमि कृषि योग्‍य है। विभिन्‍न साधनों से कुल 43.86 लाख हेक्‍टेयर भमि पर सिंचाई सुविधाएं उपलब्‍ध हैं जबकि करीब 33.51 लाख हेक्‍टेयर भूमि की सिंचाई होती है।

यहां की प्रमुख खाद्य फसलें हैं: धान, गेहूं, मक्‍का और दालें। मुख्‍य नकदी फसलें हैं: गन्‍ना, आलू, तंबाकू, तिलहन, प्‍याज, मिर्च, पटसन और मेस्‍ता। लगभग 6,764.14 वर्ग कि. मी. क्षेत्र में वन फैले हैं जो राज्‍य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का करीब 7.1 प्रतिशत हैं।

उद्योग

राज्‍य के मुख्‍य उद्योग हैं : मुजफ्फरपुर और मोकामा में भारत वैगन लिमिटेड का रेलवे वैगन संयंत्र, बरौनी में भारतीय तेल निगम का तेलशोधक कारखाना है। बरौनी का एच.पी.सी.एल. और अमझोर का पाइराइट्स फॉस्‍फेट एंड कैमिकल्‍स लिमिटेड (पी.पी.सी.एल.) राज्‍य के उर्वरक संयंत्र हैं। सीवान, भागलपुर, पंडौल, मोकामा और गया में पांच बड़ी सूत कताई मिलें हैं। उत्तर व दक्षिण बिहार में 13 चीनी मिलें निजी क्षेत्र की तथा 15 चीनी मिलें सार्वजनिक क्षेत्र की हैं जिनकी कुल पेराई क्षमता 45,00 टी.पी.ड़ी. है। इसके अलावा गोपालगंज, पश्चिमी चंपारन, भागलपुर और रीगा (सीतामढ़ी जिला) में शराब बनाने के कारखाने हैं। पश्चिमी चंपारन, मुजफ्फरपुर और बरौनी में चमड़ा प्रसंस्‍करण के उद्योग है। कटिहार और समस्‍तीपुर में तीन बड़े पटसन के कारखाने हैं। हाजीपुर में दवाएं बनाने का कारखाना, औरंगाबाद और पटना में खाद्य प्रसंस्‍करण और वनस्‍पति बनाने के कारखने हैं इसके अलावा बंजारी में कल्‍याणपुर सीमेंट लिमिटेड नामक सीमेंट कारखाने का बिहार के औद्योगिक नक्‍शे में महत्‍वपूर्ण स्‍थान है।

सिंचाई

बिहार में कुल सिंचाई क्षमता 28.63 लाख हेक्‍टेयर है। यह क्षमता बड़ी तथा मंझोली सिंचाई परियोजनाओं से जुटाई जाती है। यहां बड़ी और मध्‍यम सिंचाई परियोजनाओं का सृजन किया गया है और 48.97 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई प्रमुख सिंचाई योजनाओं के माध्‍यम से की जाती है।

परिवहन

सड़कें: मार्च, 2008 तक बिहार में 45,721.059 किलोमीटर पक्‍की सड़कें थीं। इनमें 3,734.38 किलोमीटर राष्‍ट्रीय राजमार्ग, 3,766.029 किलोमीटर प्रांतीय राजमार्ग, 7,992.65 प्रमुख जिला सड़कें, 2,828 किलोमीटर अन्‍य जिला सड़कें तथा 27,400 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें शामिल थीं।

रेलवे: बिहार में रेल लाइनों का अच्‍छा जाल बिछा हुआ है। मोकामा में एकमात्र रेलवे पुल होने के कारण उत्तरी बिहार के लिए परिवहन व्‍यवस्‍था में थोड़ी परेशानी है। कुछ महत्‍वपूर्ण स्‍थानों को जोड़ने वाले रेलमार्गो, जैसे मुजफ्फरपुर-समस्‍तीपुर-बरौनी-कटिहार और समस्‍तीपुर राज्‍य के मुख्‍य रेलवे जंक्‍शन हैं।

उड्डयन: राज्‍य में सभी बड़े जिलों में हवाई पटिट्यों के अलावा पटना में अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा हैं।

पर्यटन स्‍थल


नालंदा के अवशेष

राज्‍य के प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं: राजगीर, नालंदा, वैशाली, पावापुरी (जहां भगवान महावीर ने अंतिम सांस ली और निर्वाण को प्राप्‍त हुए), बोधगया, विब्रमशिला (उच्‍च शिक्षा के बौद्ध विश्‍वविद्यालय के अवशेष), पटना (पाटलीपुत्र का प्राचीन नगर) और सासाराम (शेरशाह सूरी का मकबरा) और मधुबनी (प्रसिद्ध मधुबनी चित्रकला का केंद्र)।

अन्‍य महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थल हैं : मुंडेश्‍वरी मंदिर (कैमूर), रोहतासगढ़ किला (रोहतास), जैन तीर्थ स्‍थल, कुंडलपुर (नालंदा), बिहार योग केंद्र (मुंगेर), मनेर शरीफ पटना, ग्रामीण पर्यटन स्‍थल नेपुरा (नालंदा), केसरिया स्‍तूप (पूर्वी चंपारन), बाड़ाबार पहाड़ियां (जहानाबाद), लौरिया नंदनगढ़।

स्रोत: भारत २००८ – एक संदर्भ वार्षिक