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जनसंख्‍या

दि. 1 मार्च 2001 के अनुसार भारत की जनसंख्‍या 1,028 मिलियन (532.1 मिलियन पुरुष और 496.6 मिलियन स्‍त्री) थी। भारत में 135.79 मिलियन वर्ग कि.मी. के विश्‍व सतही क्षेत्रफल का अल्‍प भाग अर्थात् 2.4 प्रतिशत का है। फिर भी, यह विश्‍व की जनसंख्‍या के विशाल 16.7 प्रतिशत का पालन पोषण करता है।

बीसवीं सदी की शुरुआत में भारत की जनसंख्‍या लगभग 288.4 मिलियन थी, जो इक्‍कीसवीं सदी के प्रारंभ में 1,028 मिलियन हो गई। वर्ष 1091 से प्रत्‍येक दस वार्षिक जनगणना में दर्ज की गई भारतीय जनसंख्‍या में वर्ष 1911-21 के दौरान हुई गिरावट को छोड़कर निरन्‍तर वृद्धि हुई है।

अंत: गणनात्‍मक अवधि 1991-2001 में जनसंख्‍या की प्रतिशत दशाब्दि वृद्धि में केरल के निम्‍न 9.42 से भाग नागालैंड के अत्‍यधिक उच्‍च 64.41 में विभिन्‍नता देखी गई। दिल्‍ली में 46.31 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 40.33 प्रतिशत और सिक्किम में 32.98 प्रतिशत की अत्‍यधिक उच्‍च वृद्धि दर दर्ज की गई। इसके अलावा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में वर्ष 1991-2001 के दौरान निम्‍न वृद्धि दर दर्ज की गई। 1991-2001 दशक की जनगणना के दौरान जनसंख्‍या वृद्धि दर में सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों में हरियाणा उत्‍तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, गुजरात, दमन और दीव तथा दादरा और नागर हवेली को छोड़कर, पिछले दशक की जनगणना की तुलना में गिरावट हुई है। जिन राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों ने दशाब्दि प्रतिशत वृद्धि में बढ़ोत्‍तरी दर्शाई है, भारत का जनसंख्‍या के लगभग 32 प्रतिशत का निर्माण करते है।

स्रोत: भारत २००७ – एक संदर्भ वार्षिक