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- पैकेज टूर (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- पर्यटक परिपथ (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- उत्तर प्रदेश के शहरों का मानचित्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- उत्तर प्रदेश में पेइंग गेस्ट की इकाइयां (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
उत्तर प्रदेश
परिचय
उत्तर प्रदेश एक आकर्षक पर्यटन स्थल है जहां दुनिया भर से ढेरो पर्यटक घूमने आते हैं, क्योंकि इसे भारत का सार समझा जाता है। उत्तर प्रदेश में अनेक विचारक, दर्शन शास्त्री, कलाकार, नेता, नृत्य कला के प्रवीण, कवि, बौद्धिक जन और राजनेता हुए हैं। उत्तर प्रदेश मूलत: ढेर सारे पर्यटन गंतव्यों का केन्द्र हैं। यह बात महत्व नहीं रखती कि पर्यटक क्या देखना चाहते हैं, यहां ऐसी ढेर सारी चीज़े हैं जो उत्तर प्रदेश में हर व्यक्ति के लिए रुचि का कारण बन सकती है। यहां अनेक ऐतिहासिक शहर, वन्य जीवन अभयारण्य, धार्मिक केन्द्र और रोमांचक पर्यटन स्थल है जिसके लिए पर्यटक यहां आना पसंद करते हैं। उत्तर प्रदेश मूलत: एक ऐसा स्थान है जहां सुंदरता और संभाव्यता को देखने के लिए अवश्य जाना चाहिए।
पर्यटन आकर्षण
- ताज को रात में देखना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- संग्रहालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- रामपुरा किला (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- बंसी महल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- आगरा (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- अयोध्या (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- फतेहपुर सिकरी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- लखनऊ (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- वाराणसी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- वृंदावन (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- दुधवा नेशनल पार्क (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- लखनऊ की चिकनकारी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- भगवान बुद्ध की भूमि (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
वन्य जीवन अभयारण्य
दुधवा नेशनल पार्क
दुधवा नामक स्थान भारत की सीमा पर नेपाल के पास 811 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्रफल में फैला है जहां उत्तरी उष्णकटिबंधी अर्ध सदाबहार वन, नम पतझड़ी वन, नम सवन्ना वन और उष्ण कटिबंधी, मौसमी दलदली वन पाए जाते हैं। हिरण की एक अत्यंत दुर्लभ प्रजाति इस क्षेत्र में पाई जाती है। यहां का स्वाम्प डीयर अब केवल 1500 की संख्या में है। यहां स्तनधारियों की कम से कम 37 प्रजातियां हैं, 16 प्रकार के सरीसृप और 400 प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। कहा जाता है कि दुधवा में 101 बाघ और चार चीते हैं। हाल ही में इस क्षेत्र में हिसपिड हेयर देखा गया है।
वर्ष 1984 में मेजर राइनो पुनर्वास परियोजना यहां आरंभ की गई थी। दुधवा को 1988 के दौरान प्रोजेक्ट टाइगर के तहत लाया गया था। इस आरक्षित वन में अनेक मनमोहक वन्य प्रजातियां हैं। इसमें स्लॉथ बीयर, रेटल, सीवेट, भेडिए और छोटी बिल्लियां जैसे लेपड कैट, फिशिंग कैट और जंगली बिल्ली, हिरण की प्रजातियां- सुंदर चित्तीदार हिरण या चीतल, हॉग डीयर तथा बार्किंग डीयर पाए जाते हैं। यहां पक्षियों के प्रेमी अनेक प्रकार की चिडियां देख सकते हैं और यहां लगभग 400 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां के दलदल और अनेक झीलें कई प्रकार के वॉटर फाउल को आकर्षित करती हैं। हिमालय की तराई के पास होने के कारण दुधवा में ठण्ड के मौसम में ढेर सारे प्रवासी जल पक्षी आते हैं।
दुधवा नेशनल पार्क पर और अधिक जानकारी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
नेशनल चम्बल अभयारण्य
नेशनल चम्बल अभयारण्य आगरा के पास इटावा में स्थित है और यह लगभग 635 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है। वर्ष 1979 में स्थापित इस पार्क में विशिष्ट दुर्लभ प्रकार की प्रजातियों का संग्रह है। इस अभयारण्य का मुख्य आकर्षण असामान्य प्रकार की गंगा की डॉलफिन हैं। इस अभयारण्य को राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा बड़े पैमाने पर सह प्रशासित किया जाता है।
नेशनल चम्बल अभयारण्य का मुख्य आकर्षण यहां की दुर्लभ गंगा डॉलफिन हैं। इस अभयारण्य के अन्य निवासी मगर, घडियाल, चिंकारा, सांभर, नील गाय, भेडिए और जंगली सुअर हैं। वर्ष 1979 में स्थापित यह अभयारण्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा बड़े पैमाने पर सह प्रशासित किया जाता है।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषय वस्तु प्रबंधन दल, 01-07-2009 को समीक्षित
