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नागालैण्‍ड

परिचय

जब से राज्‍य में प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट की छूट द्वारा अंतरराष्‍ट्रीय पर्यटकों को आने की अनुमति मिली है तब से बड़ी संख्‍या में विदेशी पर्यटक के साथ साथ घरेलू पर्यटक भी प्रतिवर्ष नागालैंड का भ्रमण करने के लिए आते हैं। लोग जिस नाम से भी इस सुंदर और अब तक छुपे हुए पहाड़ को पुकारें, भारत के पूर्वोत्तर में स्थित नागालैंड हमेशा एक रहस्‍यमय और मनमोहक स्‍थान रहा है और अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यह हमेशा दूर रहा है।

जंगलों और गांवों के बीच घूमते हुए पृथ्‍वी मां की गोद में यहां के समुदायों के बीच का मजबूत सामाजिक बंधन नागा जनों की आत्‍मा है। जबकि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पूरा नागालैंड पर्यटन की दृष्टि से अत्‍यंत मनोहारी है फिर भी नागालैंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कुछ सुंदर स्‍थानों को अभिज्ञात और विकसित किया गया है। कुछ पर्यटन स्‍थलों में वन्‍य जीवन अभयारण्‍य और नेशनल पार्क शामिल है और इनटांकी तथा पुलिबाडजे, जो कहिमा जिले में है, ट्यून सांग में फाकिम और रंग पहाड़, जो धीमापुर में स्थित है।

पर्यटक आकर्षण

पर्वतीय स्‍थल

कोहिमा

कोहिमा नागालैंड की राजधानी है और इसका नाम पहाड़ों पर उगने वाले एक पौधे क्‍यूहाइ के नाम पर रखा गया है। यह 4900 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यहां सुंदर मौसम के बीच अनेक विशिष्‍ट फूल खिलते हैं जो कोहिमा को पर्यटकों के लिए आदर्श स्‍थान बनाते हैं। कोहिमा को इतिहास के पन्‍नों में एक महत्‍वपूर्ण स्‍थान दिया गया है क्‍योंकि ब्रिटिश सेना के साथ भारत के सिपाहियों में जापानी सेनाओं को दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरान यहीं मात दी थी। कोहिमा हिमालय के पूर्वी भाग में स्थित है और यहां पूरे वर्ष मध्‍यम प्रकार का मौसम रहता है। शहर की भव्‍यता यहां से 16 किलोमीटर की दूरी से देखी जा सकता है और रास्‍ते में भी कुछ मनोरम दृश्‍य दिखाई देते हैं।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषय वस्‍तु प्रबंधन दल, 01-07-2009 को समीक्षित