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गोवा

परिचय

इसे ''पर्ल ऑफ ओरिएंट'' तथा ''पर्यटकों का स्‍वर्ग'' कहते हैं। गोवा राज्‍य भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है और इस तटीय पट्टी को कोंकण कहते हैं। यहां की मनमोहक सुंदरता और यहां के मंदिरों, गिरजाघरों और पुराने निवास स्‍थानों की वास्‍तुकलात्‍मक भव्‍यता गोवा को दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों का एक आकर्षण केन्‍द्र बनाती है। उत्तर दिशा में गोवा की सीमा महाराष्‍ट्र राज्‍य से जोड़ती है और कर्नाटक राज्‍य यहां के दक्षिण और पूर्व दिशा में है। पश्चिम की ओर अरब सागर का विशाल विस्‍तार यहां की भव्‍य तटीय रेखा बनाता है, जिसके लिए गोवा दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

यहां के प्रमुख पर्यटन केन्‍द्र हैं कोलवा, कालंगुट, वेगाटोर, बागा, हर्मल, अंजना और मीरामार तट; पुराने गोवा में बेसिलिका ऑफ बोम जिसिस तथा संत केथेड्रल गिरजाघर; कावलेन, मारडोल, मंगुएशी, बंदोरा मंदिर; अगुवाडा, तेरेखोल, चपोरा, काबो डी रामा किलो; दुध सागर और हरवालेम जन प्रपात और मायेम लेक रिजॉर्ट। राज्‍य में समृ‍द्ध वन्‍य जीवन अभयारण्‍य जो हैं बोंदला, कोटीगोआ, मोलेम और डॉक्‍टर सलीम अली पक्षी अभयारण्‍य जो चौराओ क्षेत्र में है और 354 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्र फल में फैला है।

इसकी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा यहां के प्रसिद्ध तट और सूर्य की धूप पर्यटकों को गोवा की ओर खींचती है जो यहां के शांति प्रिय, अतिथि सत्‍कार करने वाले और दोस्‍ताना व्‍यवहार रखने वाले लोगों के कारण अधिक आकर्षक है। कुल मिलाकर यहां वे सब बातें हैं जो पृथ्‍वी अन्‍य किसी स्‍थान पर नहीं है, यह एक ऐसा स्‍थान है जहां आकर लोग वास्‍तव में मन को शांत कर सकते हैं।

पर्यटन आकर्षण

तट

अगोंडा तट

अगोंडा तट एक छोटा, मनोहारी और अलग पड़ा तट है जो मार्गगांव के कस्‍बे से 37 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यह सुनहरी रेत वाला 3 किलो मीटर लंबा तट है और अगोंडा बीच अकेले में आनंद उठाने वाले लोगों के लिए स्‍वर्ग है। यहां लगभग हर समय वीरानी छायी रहती है और यहां अगोंडा तट पर आकर पर्यटक पूरी तरह से शांति का अनुभव कर सकते हैं। यह सभी आयु के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

अरामबोल तट

अरामबोल तट पणजी से 50 किलो मीटर की दूरी पर है और यह उत्तरी गोवा का एक अनोखा तट है। यह तट पथरीला और रेत से भरा हुआ है। अरामबोल तट पर इसके ठीक किनारे मीठे पानी का एक तालाब है। इस तट पर पर्याप्‍त रूप से घूमने का स्‍थान है और यहां चलने योग्‍य दूरी पर अनेक आकर्षक खाइयां हैं। अरामबोल बीच उन व्‍यक्तियों के लिए अत्‍यंत सुखदायी है जो शांति और प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं।

अंजुना तट

अंजुना तट पणजी से 18 किलो मीटर की दूरी पर है और यह चपोरा किले के पास स्थित एक लोकप्रिय तट है। अंजुना तट युवा पीढ़ी के बीच अधिक लोकप्रिय माना जाता है। इस बात में कोई शक नहीं कि अंजुना तट गोवा के सर्वोत्तम तटों में से एक है। अंजुना तट के पास 1920 में निर्मित अल्‍बुकर्क का महल है जो 8 स्‍तंभों से घिरा हुआ है और यहां आकर्षक मेंगलोर टाइल वाली छत है। इसे ''दुनिया की गोआनी राजधानी'' भी कहते हैं।

बागा तट

बागा तट एक छोटा किन्‍तु कोलवा और कालांगुट के बीच स्थित एक शानदार तट है। यह तट मछली पकड़ने, धूप में लेटने और पैडल बोट के लिए आदर्श तट है। यह तट अपनी भूरी रेत और पाम के पेड़ों से पर्यटकों को आकर्षित करता है जो पानी के किनारे काफी नजदीक आ जाते हैं। तट के एक ओर बागा नदी है जो बच्‍चों तथा जल प्रेमियों के लिए एक सुंदर स्‍थान है। नदी और समुद्र के मिलने के स्‍थान पर काली चट्टाने हैं जो समुद्र के टकराने से सुंदर फुहारे पैदा करती हैं।

बेनाउलिम तट

बेनाउलिम तट कोलवा तट के सिरे पर स्थित एक मनमोहक और शांत तट है। इसे अभी भी घरेलू पर्यटकों ने उतना अधिक देखा नहीं है। यह मछली पकड़ने का तट है, अत: यहां शाम के समय अधिक लोग आते हैं और सप्‍ताह के अंत में यहां लोगों की अधिक भीड़ जमा होती है। सेंट जोन बेप्टिस का गिरजाघर गांव के बाहर एक पहाड़ी पर स्थित है और यहां जाना एक अच्‍छा अनुभव है। बारिश के आते ही सेंट जोन बेप्टिस (साओ जोआउ) का त्‍यौहार तट पर मनाया जाता है जिसमें धन्‍यवाद दिया जाता है।

बोगमोलो तट

बोगमोलो तट को पवित्रता ओर वाणिज्‍यीकता का एक मिश्रण कहा जा सकता है। यह सुंदर दृश्‍यों से भरपूर एक तट है जहां आप अपने आप को मुक्‍त होने से नहीं रोक सकते। यह‍ एक साफ सूथरा और अंजुना तट के समान भीड़ भाड़ से दूर एक शांत तट है। यहां तैराकी के लिए सुरक्षित स्‍थान। आप यहां खाने पीने के अनेक स्‍टॉलों का मजा ले सकते हैं जहां स्‍वादिष्‍ट गोआनी पकवान मिलते हैं। यदि आप गोवा में एक पार्टी करना चाहते हैं तो बोगमोलो तट इसके लिए एक आदर्श स्‍थान है।

कालांगुट तट

कालांगुट तट को तटों की रानी कहा जाता है और यहां पर्यटकों के लिए रहने के लिए अनेक रिजॉर्ट तथा कॉटेज हैं। यह पणजी शहर से 16 किलोमीटर की दूरी पर है जो गोवा की राजधानी है। यह उत्तरी गोवा के अरब सागर के तट पर है। इस तट का नाम स्‍थानीय भाषा में कोलीगुट्टी शब्‍द से बना है जिसका अर्थ होता है मछवारों की भूमि।

केवेलोसिम तट

केवेलोसिम तट नर्म सफेद रेत के लिए प्रसिद्ध है और यहां काली लावा पहाडियां होती है। यह तट गोवा के अन्‍य प्रसिद्ध तटों की तुलना में साफ और शांत है। यहां अनेक ऐसे तट हैं जहां अनेक प्रकार के गोआनी पकवान और समुद्री खाद्य पदार्थ उचित दर पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्‍त बेटी प्‍लेस और डॉलफिन को देखने के लिए यहां नाव से घूमा जा सकता है।

चपोरा तट

चपोरा तट गोवा का एक मनमोहक भाग है। नर्म सफेद रेत, काली मेग्‍मा चट्टानें और नारियल तथा पाम के पेड़ चपोरा तट एक हरा भरा परिदृश्‍य प्रदान करते हैं जो दुनिया भर के यात्रियों को तट पर आकर्षित करता है। यहां प्रकृति का अपना संगीत सुनाई देता है और समुद्र यहां के चमकदार हरे रंग से इस तट को एक सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले यात्री गंतव्‍य का दर्जा देते हैं चाहे मंदी का ही दौर क्‍यों न चल रहा हो।

केंडोलिम तट

केंडोलिम तट ऐसा तट है जहां आप अगोआंडा तट की भीड़ भाड़ से दूर कुछ शांति के पल बिता सकते हैं, बेशक यहां सुविधाएं अधिक नहीं है। यहां छोटी छोटी झोंपडियों में रेत से ढके टीलों में सीधे समुद्र से लाए गए स्‍वादिष्‍ट और अच्‍छी गुणवत्ता के पकवान मिलते हैं। दूसरे शब्‍दों में यह आराम करने और जीवन में नए रंग भरने के लिए एक आदर्श स्‍थान है।

कोल्‍वा तट

कोल्‍वा तट उन लोगों के लिए सर्वाधिक उपयुक्‍त स्‍थान है जो शहरी जीवन से थक चुके हैं और एक शांत अवकाश का आनदं उठा चाहते हैं जो उनकी आत्‍मा और मन को ठण्‍डक दे सके। कोल्‍वा तट गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 40 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यह बेनाउलिम तट से 2 किलो मीटर की दूरी पर है जहां पर्यटक कुछ शांत पल बिताने के लिए जाते हैं। लगभग 20 किलो मीटर की लंबाई तक फैला हुआ कोल्‍वा तट गोवा का सबसे लंबा तट है।

डोना पॉला तट

डोना पॉला तट गोवा का एक ऐसा तट है कि जहां गोवा की प्रसिद्ध नदियां अरब सागर से मिलती हैं। डोना पॉला नामक यह स्‍थान पंजीम से 7 किलो मीटर की दूरी पर मार मागाओ हारबर से बेहतद सुंदर दिखाई देता है जो जुआरी और मंडोवी के मुहाने को बांटने वाले पथरीले, हथौड़ी के आकार के पेनिनसुला के दक्षिण में है। यह तट पाम के पेड़ों और केसुअरी की गुफाओं से घिरा हुआ है और यह सूर्य स्‍नान तथा आराम पाने का एक आदर्श स्‍थान है।

मीरामर तट

मीरामर तट सुनहरी रेत वाला तट है जहां लगे पाम के पेड़ अरब सागर की ओर झुकते हैं तथा यह पणजी का सबसे नजदीकी तट है। यह गोवा के सबसे अधिक लोकप्रिय तटों में से एक है। पणजी से सूर्यास्‍त देखने के लिए यह तट सबसे अधिक उपयुक्‍त स्‍थान है, यह दयानंद बंदोदकर मार्ग पर नदी के सामने वाले मार्ग से केवल 15 मिनट पैदल चलने की दूरी पर स्थित है। यह तट एक शहरी तट है जहां मंडोवी नदी अरब सागर से मिलती है। यह तट तैरने के लिए सुरक्षित नहीं है क्‍यों‍कि यहां तेज समुद्री धाराएं बहती हैं।

माजोर्डा तट

माजोर्डा तट बोगमोला के दक्षिणी भाग में स्थित है जो गोवा के शानदार तटों में से एक है। यहां पर्यटकों को कुछ विश्राम करने और अपने जीवन को एक नया रंग देने का मौका मिलता है जो थक चुके हैं। माजोर्डा तट पर हमेशा बहुत अच्‍छा मौसम रहता है जो शारीरिक शक्ति दोबारा प्राप्‍त करने के लिए भी उचित है। गोवा का माजोर्डा तट मारगांव से जुड़ा है, जहां बस, ऑटो रिक्‍शा, रिक्‍शा और टेक्‍सी सहित अच्‍छे सड़क मार्ग हैं।

पोलोलेम तट

पोलोलेम तट मारमा गोवा से 37 किलो मीटर की दूरी पर है। इसे स्‍वर्ग के समान तट कहा जाता है और यह लगभग 1 मील लंबा है। यहां अर्ध चंद्र के आकार में सफेद रेत फैली हुई है। नारियल पाम के पेड़ों से घिरा हुआ यह तट दोनों सिरों पर अपेक्षाकृत एक अलग थलग सा तट है। पोलोलेम तट के उत्तरी सिरे पर मीटे पानी की एक छोटी धारा यहां की सुंदरता को बढ़ा देती है।

वागाटोर तट

वागाटोर तट एक ऐसा तट है जो सफेद रेत, काली लावा चट्टानों, नारियल पाम के पेड़ों और हरी भरी दृश्‍यावली से घिरा हुआ है। यहां अपनी ही एक धुन सुनाई देती है और यहां का समुद्र नीले से हरे रंग का दिखाई देता है। तट की मनमोहक सुंदरता आने वालों को बांध लेती है। वास्‍तव में वागाटोर तट एक ऐसा स्‍थान है जहां मछली पकड़ने की छोटी नावों में पर्यटक रोमांचक अनुभ्‍ज्ञव कर सकते हैं।

वरका तट

वरका तट पर नर्म सफेद रेत और धब्‍बे दार काली लावा चट्टानें कुछ स्‍थानों पर दिखाई देती है। गोवा के अन्‍य प्रसिद्ध तटों की तुलना में कुछ साफ और शांत दिखाई देने वाला यह तट बड़ी संख्‍या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। यदि आप बेनाउलिम में ठहरे हैं तो निश्चित रूप से आपको वरका आना चाहिए। यहां झूमते नारियल पाम के पेड़, खड़ी पहाडियां इस तट को मनोहारी बनाती है।

वेलसाओ तट

वेलसाओ तट दक्षिणी गोवा तट के साथ बोगमालो तट के दक्षिण तथा माजोर्डा तट के उत्तर में और कोल्‍वा तट के पास स्थित एक लंबा तट है। यह हर वर्ष पर्यटकों के बीच अधिक से अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। यह तट राज्‍य के दक्षिणी सिरे पर स्थित है और यह राजधानी पंजीम से लगभग 25 किलो मीटर की दूरी पर है। सूर्यास्‍त के तुरंत बाद वेलसाओ तट की सुंदरता पर्यटकों का मनमोह लेती है।

वन्‍य जीवन अभयारण्‍य

सलीम अली पक्षी अभयारण्‍य

भारत में सबसे छोटी पक्षी अभयारण्‍यों में से एक इस अभयारण्‍य का नाम भारत के जाने माने पक्षी विज्ञान डॉ. सलीम अली के नाम पर रखा गया है। यहां दलदली स्‍थान हैं जो प्रवासी और स्‍थानीय चिडियों के लिए आदर्श अधिवास हैं। इस अभयारण्‍य में पक्षियों की अनेक दुर्लभ प्रजातियां है। गोवा में मापुसा और मंडोवी नदियों के मिलने के स्‍थान पर सलीम अली पक्षी अभयारण्‍य है। अक्‍तूबर से मार्च माह के दौरान पक्षी प्रेमी यहां आकर इस घने जंगल में सलीम अली पक्षी अभयारण्‍य में दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों को देख सकते हैं।

भगवान महावीर वन्‍य जीवन अभयारण्‍य

गोवा के पूर्वी सिरे पर स्थित भगवान महावीर वन्‍य जीवन अभयारण्‍य राज्‍य का सबसे बड़ा वन्‍य जीवन अभयारण्‍य है। यह 240 वर्ग किलो मीटर में फैला हुआ अभयारण्‍य है जो वन्‍य जंतुओं की विशिष्‍ट प्रजातियों के लिए एक आदर्श अधिवास है, जैसे हिरण और गुवार, मलायन विशाल गिलहरियां, कोबरा और अजगर। आप यहां स्‍लॉथ बीयर, उड़ने वाली छिपकली, लैपर्डकैट, हाथियों और बाघों को भी देख सकते हैं, किन्‍तु इसके लिए आपके पास समय और धीरज होना चाहिए जो लंबे समय तक आपके इंतजार में आपको सहायता दें।

कोटीगाओ वन्‍य जीवन अभयारण्‍य

पंजीम से 60 किलोमीटर की दूरी पर फैला कोटीगाओ वन्‍य जीवन अभयारण्‍य लगभग 86.65 वर्ग किलो मीटर में फैला हुआ है। इस अभयारण्‍य में घने पतझड़ी वन हैं और यहां 30 मीटर नीचे पेड़ भी हैं। यह जंगल उतना घना नहीं है जितने कि अन्‍य वन्‍य जीवन अभयारण्‍य होते हैं। आप यहां जंगली सुअर, लंगूर, हिरण, बायसन, पेंगोलिन और काला चिता देख सकता है। आप वन्‍य जंतुओं को देखने के लिए पानी के स्रोत के पास बने एक स्‍तंभ पर बैठ सकते हैं। इस वन्‍य जीवन अभयारण्‍य में बेलाझील और एक प्रकृति व्‍याख्‍या केन्‍द्र भी है जिसके वानस्‍पतिक और जंतु प्रदर्श देखने योग्‍य हैं।

बोडला वन्‍य जीवन अभयारण्‍य

बोडला वन्‍य जीवन अभयारण्‍य में चटक हरियाली और सुंदर पहाडियों के निचले हिस्‍से हैं जो गोवा का सबसे छोटा वन्‍य जीवन आरक्षित स्‍थान है। बोडला वन्‍य जीवन अभयारण्‍य लगभग 8 वर्ग किलो मीटर के हिस्‍से में फैला है। यह अभयारण्‍य सांभर, हिरण, गौर (भारतीय भैंसा), काले मुंह वाले लंगूर, भेडिए और जंगली सुअर के अलावा अन्‍य अनेक जंतुओं का घर है। यहां कभी कभार हाथी भी दिखाई देते हैं। बोडला वन्‍य जीवन अभयारण्‍य कई प्रकार के हिरणों का भी आश्रय स्‍थल है।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषय वस्‍तु प्रबंधन दल, 01-07-2009 को समीक्षित