मनोरंजन/शिक्षा केंद्र
वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर जीवन के लिए मनोरंजन केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में उन्हें अपना खाली समय रचनात्मक और रोचक कार्यों में बिताने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। अधिकांश मनोरंजन केंद्रों में वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए स्वस्थ रहने के (फिटनेस) क्लबों, पार्कों, योगाभ्यास कक्षाओं, आध्यात्मिक सत्रों, पिकनिक और खाद्य समारोहों (फूड फेस्टिवल) की व्यवस्था की जाती है।
वृद्धाश्रमों में वृद्ध लोगों के अनुकूल कई मनोरंजन सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाती है। इन कार्यकलापों में पेंटिग कक्षाएं, भिन्न-भिन्न मामलों में विचारों के आदान-प्रदान के लिए विचार-विमर्श सत्र, मिट्टी के बर्तन बनाने की कक्षाएं, संगीत पाठ और अन्य कार्यक्रम शामिल है। इसके अलावा, कुछ वृद्धाश्रमों में पुस्तकालय की सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं जहां बैठ कर वृद्ध व्यक्ति अपनी पसंद की किताबें और पत्रिकाओं का अध्ययन कर सकते हैं। इन मनोरंजन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाएं शिल्प कक्षाएं, क्विज शो और परिसर के अंदर खेले जाने वाले खेल (इंडोर गेम्स) आदि है। इन मनोरजंन केंद्रों का प्रयोजन वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई उमंग भरना है। साथ ही, इनसे उनके सामान्य स्वास्थ्य और मानसिक स्थिरता में सुधार होता है। 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनोरंजन केंद्र सामाजिक न्याय मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
मानव संसाधन और विकास मंत्रालय ने प्रौढ़ शिक्षा ब्यूरो (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के तत्वाधान में वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिक्षा कार्यक्रमों और संबंधित सामग्री की व्यवस्था करने के लिए बजटीय आबंटन किए हैं। वरिष्ठ नागरिकों को मुक्त विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, सांस्कृतिक निकायों और अनुसंधान संस्थाओं में उनके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
स्रोत: फिक्की के सहयोग से संकलित, दिनांक: 09-02-2010
