चिकित्सा बीमा
बीमा को वरिष्ठ नागरिकों की दीर्घावधिक बचतों का रूप माना जाता है। यह पैसा उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है और उन्हें इससे जरुरत के समय मदद मिलती है। चिकित्सा बीमा होने से वरिष्ठ नागरिक चिकित्सा जांच के खर्च आपाती चिकित्सा खर्चों, और लंबे समय तक इलाज के खर्च का भुगतान कर सकता है। 31 मार्च, 2007 की स्थिति के अनुसार बीमा प्रीमियमों पर आय पर अधिनियम की धारा 80 (छ) के तहत, 15,000 रुपए तथा का आय कर लाभ प्राप्त होता है। कई प्राइवेट बीमा कंपनियों और चार सरकारी क्षेत्र सामान्य बीमा कंपनियों में चिकित्सा बीमा किया जाता है। ये कंपनियां इस प्रकार हैं:
- नेशनल इंश्योरेंस कंपनी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- आरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- यूनाइटिड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ मेडीक्लेम पॉलिसी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) fपेश की है। इस पॉलिसी में खंड 1 के तहत अस्पताल में भर्ती करने, घर में रहकर अस्पताल की देख-रेख में इलाज का खर्च तथा खण्ड II के तहत असाध्य रोगों के इलाज का खर्च, यदि विकल्प दिया हो, शामिल है। असाध्य रोगों में हृदय धमनियों की शल्य-चिकित्सा, कैंसर, गुर्दे खराब होना, दिल का दौरा, मल्टिपल स्केलेरोसिस और खास खास अंगों का रोपण शामिल है। लकवा और अंधापन के रोग अतिरिक्त प्रीमियम पर शामिल किए जाते हैं।
ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना (23 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है।)
और सामूहिक बीमा पॉलिसी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) और व्यक्तिगत मेडीक्लेम पॉलिसी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) की व्यवस्था की है। इन पॉलिसियों के तहत अचानक बीमार हो जाने, दुर्घटना या शल्य चिकित्सा होने की स्थिति में अस्पताल भी इलाज कराने और घर में रहकर अस्पताल की देख-रेख में इलाज कराने पर हुए खर्च का भुगतान किया जाता है। ये स्थितियां पॉलिसी की अवधि के दौरान पैदा हुई होनी चाहिए।
न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से उपलब्ध मेडीक्लेम पॉलिसी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के तहत 31 मार्च, 2007 की स्थिति के अनुसार कोई भी भारतीय, जिसकी आयु 5 से लेकर 80 वर्ष के बीच है, बीमा करा सकता है। इस पॉलिसी में पॉलिसी की अवधि के दौरान हुई किसी भी बीमारी अथवा दुर्घटना, लगी चोटों का इलाज कराने के लिए बिना पैसे के अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था है। दावों का भुगतान तीसरे पक्ष के प्रशासकों के माध्यम से किया जाता है, जिन्हें कंपनी द्वारा नियुक्त किया गया हो।
यूनाइटिड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने एक मेडीक्लेम पॉलिसी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) लागू की है। जिसमें 5 से 75 वर्ष का कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। पॉलिसी के तहत वास्तव में अस्पताल में भर्ती करने पर कई तरह के खर्चों का भुगतान किया जाता है बशर्ते कि इनकी राशि 31 मार्च, 2007 की स्थिति के अनुसार 15,000 रुपए से लेकर 5,00,000 रुपए तक हो। यह सीमा इस पॉलिसी के शुरू में बीमित व्यक्ति द्वारा चयन की गई राशि पर निर्भर करती है।
भारतीय जीवन बीमा निगम वर्ष 2001 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘नव प्रभात’ (-1 MB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है।)
नामक एक विशेष योजना शुरू की है। इसमें अपेक्षाकृत कम खर्च वाले जोखिमों और दुर्घटना या बीमारी के कारण विकलांगता के लिए राहत का प्रावधान किया गया है। इसमें पॉलिसी की परिपक्वता के बाद आजीवन पेंशन का भी विकल्प है।
स्रोत: फिक्की के सहयोग से संकलित, दिनांक: २२-०५-२००७
