पेंशन संबंधी अधिनियम/नियम
वरिष्ठ नागरिकों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई अधिनियम और नियम बनाए हैं। इन अधिनियमों और नियमों की पूरी जानकारी होने से पेंशन संबंधी मामलों पर नज़र रखने और किसी तरह की गड़बड़ी के बिना भुगतान प्राप्त करने की कार्यवाही करने में मदद मिलती है। इन अधिनियमों की जानकारी रखने का दूसरा फायदा यह है कि आप अपने पेंशन संबंधी अनुदानों के मामले में होने वाली किसी प्रकार की धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रह सकते हैं।
निम्नलिखित नियम एवं अधिनियम पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा प्रशासित होते हैं:
- पेंशनभोगी प्रक्रिया (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- पेंशन अधिनियम, 1871 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन का संराशीकरण) नियम, 1981 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- केंद्रीय सिविल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- सामान्य भविष्य निधि (सिविल सेवा) नियम, 1960 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- अंशदायी भविष्य निधि (भारत) नियम, 1962 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- पेंशन की बकाया राशि का भुगतान (नामांकन) अधिनियम, 1983 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- उदारीकृत पेंशन पंचाट (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- केंद्रीय सिविल सेवा (चिकित्सा जांच) नियम, 1957 (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
स्रोत: फिक्की के सहयोग से संकलित, दिनांक: २२-०५-२००७
