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आय कर

व्‍यक्तिगत आय पर केन्‍द्रीय सरकार को भुगतान किया जाने वाला कर आय कर कहलाता है। आय कर अधिनियम,1961, के अनुसार प्रत्‍येक व्‍यक्ति जो एक निर्धारिती है (निर्धारिती वह व्‍यक्ति है जिसके द्वारा किसी प्रकार के कर का या अन्‍य धनराशि (उदाहरण के लिए ब्‍याज, दण्‍ड, जुर्माना आदि) का भुगतान आय कर अधिनियम के तहत किया जाता है) और जिसकी कुल आय अधिकतम छूट सीमा के परे जाती है, इससे वित्त अधिनियम में निर्धारित दर पर आय कर प्रभारित किया जाएगा।

आय कर अधिनियम की धारा 139(1) को निम्‍नलिखित छ: परिस्थितियों को पूरा करने पर किसी व्‍यक्ति पर बाध्‍यता बनाने के विचार से 1/8/1998 से संशोधित किया गया है:

  • एक मोटर वाहन के मालिक या पट्टाधारक हैं (उपकरण के प्रयोक्‍ता या एक समय अवधि‍ के लिए पट्टे पर/किराए पर दिया गया है)।
  • एक अचल सम्‍पत्ति के निर्दिष्‍ट फ्लोर क्षेत्रफल है।
  • अपने या किसी अन्‍य व्‍यक्ति के लिए विदेश यात्रा पर व्‍यय।
  • टेलीफोन उपभोक्‍ता हैं।
  • किसी बैंक या संस्थान द्वारा जारी क्रेडिट कार्ड धारक हैं, "एड ऑन" कार्ड नहीं है।
  • एक ऐसे क्‍लब के सदस्‍य हैं जहां प्रवेश शुल्‍क 25,000 रु. का इससे अधिक प्रभारित किया जाता है, तब उसे विवरणी भरने की आवश्‍यकता होती है।

आय कर विवरणी जमा करना ऐसे प्रत्‍येक व्‍यक्ति की कानूनी बाध्‍यता है जिसकी कुल आय पिछले वर्ष उस अधि‍कतम सीमा से अधिक हो गई है, जो आय कर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत आय कर के लिए प्रभार योग्‍य नहीं है। अपनी आय कर विवरणी भरने के लिए आपको आईटीआर भरना होता है। आपके पेशे/व्‍यापार/सम्‍पत्ति पर निर्भर करते हुए आपको अपने अलग-अलग आईटीआर जमा करने होते हैं।

वेतन/पेंशन/पारिवारिक पेंशन और ब्‍याज से होने वाली आय के लिए आकलन वर्ष 2009–10 के लिए विवरणी भरने हेतु आईटीआर प्रपत्र 1 उपयोग किया जा सकता है।

अन्‍य श्रेणियों (व्‍यक्ति/हिन्‍दू अविभाजित परिवार, फर्में, एओपी, बीओआई, अनुषंगी लाभ आदि) के नए आईटीआर प्रपत्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

अपना आय कर ऑनलाइन ज्ञात करें (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

आवास सम्‍पत्ति को आय कर प्रयोजनों के लिए आय का एक स्रोत माना जाता है। आवास सम्‍प‍त्ति से होने वाली आय को आय कर के तहत आय का एक शीर्ष माना जाता है। सामान्‍य तौर पर आवास सम्‍प‍त्ति से आपकी आय के बारे में पहले से यह मान लिया जाता है कि आपका एक घर है, जिससे आप किराए के रुप में कुछ अर्जन करते हैं।

भारत में सम्‍पत्ति कर के बारे में अधिक जानकारी पाएं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

स्‍थायी खाता संख्‍या (पैन)

पैन अखिल भारतीय 10 अक्षरों का एक विशिष्‍ट कोड है जो आय कर विभाग द्वारा आबंटित किया जाता है। आपके लिए यह जीवन भर स्‍थायी रहेगा और आपके पते या रहने के स्‍थान में बदलाव आने से या आपके आकलन अधिकारी बदलने से नहीं बदलेगा। विवरणी भरने के लिए पैन होना अनिवार्य है। आपके पास यदि पैन नहीं है तो इसके लिए आपको पैन कार्ड पाने का आवेदन करना होगा। आप प्रपत्र 49ए डाउनलोड करके इसे भरकर नजदीकी पैन सुविधा केन्‍द्र में जमा करें या ऑनलाइन फॉर्म जमा करें।

ई-विवरणी

आय कर विभाग ने आय कर विवरणी को इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से जमा करने की शुरूआत की है, जिसके तहत पात्र निर्धारिती कुछ अधिकृत व्‍यक्तियों के माध्‍यम से अपनी आय विवरणी इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से जमा कर सकते हैं, जिन्‍हें ई-विवरणी के माध्‍यमिक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है। ये माध्‍य‍मिक व्‍यक्ति विवरणियों के उक्‍त आंकड़े अंकीय रूप में डाल कर इन्‍हें अपने अंकीय हस्‍ताक्षरों के तहत आय कर विभाग के ई-फाइलिंग सर्वर में इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से भेजेंगे। इस योजना के तहत अपनी आय कर विवरण का यह तरीका अपनाने वाले पात्र व्‍यक्ति यहां संपर्क करें और किसी ई-माध्‍यमिक व्‍यक्ति को संगत आकलन वर्ष के लिए अपनी ई-विवरणी जमा करने के प्रयोजन हेतु अपने एजेंट के रूप में कार्य करने का अवसर दे सकते हैं।

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कर में रियायत

इन कामों को आपके लिए और भी आसान बनाने के लिए आपको सरकार द्वारा दी जाने वाली कर रियायतों की विभिन्‍न विधियों की जानकारी होनी चाहिए। आप किसी वित्तीय वर्ष के आरंभ में कई तरीकों से धन राशि का निवेश कर सकते हैं ताकि आपके द्वारा दिया जाने वाला निवल कर अपेक्षाकृत रूप से विवरणी जमा करने के समय तक कम या शून्‍य हो जाए। आम तौर कर में बचत के कुछ माध्‍यम हैं सामान्‍य भविष्‍य निधि कोष (जीपीएफ) एनएससी/एनएसएस, सार्वजनिक भविष्‍य निधि कोष (पीपीएफ), जीवन बीमा किस्‍त, कर्मचारी भविष्‍य निधि कोष योजना आदि।

विभाग द्वारा दी जाने वाली कर रियायतों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करें (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

आय कर पर रियायत की गणना किस प्रकार की जाती है, यह जाने (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

नागरिक अपने पैन कार्ड के साथ आईटीआर प्रपत्र जमा करके अपने कर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आय कर विभाग द्वारा ऑनलाइन कर भुगतान के लिए अनेक ऑनलाइन सेवाएं हैं। इसके साथ भारतीय आय कर विभाग (आईटीडी) की ओर से राष्‍ट्रीय प्रतिभूति जमा लि. (एनएसडीएल) द्वारा भी निम्‍नलिखित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की जाती हैं:

उपरोक्‍त उल्लिखित सेवाओं का लाभ उठाए (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

एनएसडीएल के बारे में और अधिक जानकारी पाएं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

एनएसडीएल के अलावा यूटीआई प्रौद्योगिकी सेवाएं भी निम्‍नलिखित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करती हैं।

उपरोक्‍त उल्लिखित सेवाओं का लाभ उठाए (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

यूटीआई प्रौद्योगिकी सेवाओं के बारे में और अधिक जानकारी पाएं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल