यौन संचारित रोग (एसटीडी)
एस टी डी अथवा एस टी आई (यौन संचारित संक्रमण) ऐसे संक्रमण/रोग हैं जो कि यौन संपर्क द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे में संचारित किए जा सकते हैं। कुछ यौन संचारित संक्रमण जन्म, अंत: शिरा सुइयों अथवा स्तनपान के द्वारा भी संचारित होते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) का अनुमान है कि विश्वभर में प्रत्येक दिन ठीक हो सकने योग्य दस लाख से अधिक यौन संचारित जीवाण्विक संक्रमण (एस टी आई) के नए मामले होते हैं।
किशोरवय और युवा वयस्क (15-24) यौन संचारित रोग (एस टी डी) से ग्रस्त होने के अधिक जोखिम वाले आयु समूह हैं। एस टी डी का अगर इलाज न किया जाए तो इनके, विशेषकर महिलाओं में, गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अत: जब भी आपको यह शंका हो कि आप यौन संचारित रोग से ग्रस्त हो गए हैं, तो यह आवश्यक है कि आप एस टी डी की जांच करवाएं।
भारत में यौन संचारित रोगों का प्रचलन बहुत अधिक है। यौन संचारित रोगों में, एड्स गंभीर चिंता का विषय है। एस टी डी नियंत्रण, विशेषकर हाल ही में प्रारंभ किए गए एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के संदर्भ में, कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने की जरुरत को स्वीकारते हुए, राष्ट्रीय एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) को देश में विद्यमान निजी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के माध्यम से सामुदायिक स्तर तक विस्तारित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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- एड्स और निवारण
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- भारत सरकार की यौन संचारित रोग योजनाएं
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स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल, द्वारा समीक्षित: 16-02-2010


