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राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र

राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा निर्धारित लक्ष्‍यों को पूरा करने में राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍था (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। जन स्‍वास्‍थ्‍य के कमज़ोर सूचकों वाले 18 राज्‍यों पर विशेष ध्‍यान देते हुए समूचे देश में ग्रामीण जनता को प्रभावशाली स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से 2005 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा इस संस्‍था को प्रारंभ किया गया था। इन कमज़ोर राज्‍यों में से कुछ हैं बिहार, राजस्‍थान, मणिपुर, उड़ीसा, मध्‍य प्रदेश और आन्‍ध्र प्रदेश।

यहां पर कुछ राज्‍यों में राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं के विवरण दिए गए हैं:

भारत में प्रमुख मेडिकल कॉलेजों की सूची नीचे दी गई है:

भारत में रेफरल चिकित्‍सालय:

भारत में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के संबंध में और जानकारियां:

जिला स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र

जिला स्‍तर पर, स्‍वास्‍थ्‍य प्रशासन में कई अधिकारी व डॉक्‍टर सम्मिलित होते हैं, जो औसतन 10-15 चिकित्‍सालयों, 30-60 प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों, 300-400 उप केंद्रों की देखभाल करते हैं। पूरी प्रणाली एक जटिल व्‍यवस्‍था है, जिसके कारण इसमें सूचना के कई वर्टीकल चैनल हैं और एजेंसियों की बहुलता है। जिले के लोगों की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी जरुरतों को पूरा करने के लिए प्रत्‍येक जिले में एक सिविल अस्‍पताल भी है। यहां पर कुछ राज्‍यों के जिला स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों की सूची दी गई है।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल