कार्यक्रम और योजनाएं
महिला व बाल विकास मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा बच्चों के पोषण के लिए मानक तय करते हुए कई योजनाएं बनाई गई हैं। ये हैं:
- शिशुओ और छोटे बच्चों के पोषण (फीडिंग) के संबंध में राष्ट्रीय मार्गदर्शी सिद्धांत (150 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)
: इन मार्गदर्शी सिद्धांतों द्वारा स्तनपान के महत्व पर ज़ोर दिया गया है। बच्चे के जन्म के तुरन्त बाद स्तनपान प्रारंभ कर देना चाहिए तथा किसी अन्य प्रकार के दूध का प्रयोग शुरू करने से पहले छह महीने तक केवल स्तनपान कराना चाहिए। इसके बाद ही उचित व पूरक पोषण (फीडिंग) शुरू किया जाना चाहिए और साथ ही स्तनपान भी दो वर्ष तक कराया जा सकता है। - राष्ट्रीय पोषण नीति (8.2 MB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)
: को महिला व बाल विकास विभाग के तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा 1993 में अंगीकार किया गया था। इसके द्वारा, कुपोषण मिटाने और सबके लिए इष्टतम पोषण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बहु-सेक्टर संबंधी योजना की वकालत की गई। यह योजना देश भर में पोषण के स्तर की निगरानी करने तथा अच्छे पोषण की आवश्यकता व कुपोषण रोकने की जरुरत के संबंध में सरकारी मशीनरी को सुग्राही बनाने की वकालत करती है। राष्ट्रीय पोषण नीति में आहार व पोषण बोर्ड भी सम्मिलित है, जिसके द्वारा स्तनपान व पूरक फीडिंग के संबंध में सही तथ्यों का प्रसार करने के लिए पोस्टर, श्रव्य तुकबंदी (ओडियो जिग्गल्स) और वीडियो स्पाट्स विकसित किए जाते हैं। - समन्वित बाल विकास सेवा योजना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं): यह पूरे देश में व कदाचित विश्वभर में, बाल विकास के संबंध में, अत्यधिक व्यापक योजनाओं में से एक है। बच्चों के संबंध में राष्ट्रीय नीति (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के अनुसरण में महिला व बाल विकास मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा इस योजना को 1975 से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूल जाने से पहले बच्चों के लिए एकीकृत रूप से सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण, आदिवासी और झुग्गी वाले क्षेत्रों में बच्चों की उचित वृद्धि और विकास सुनिश्चित किया जा सके। इस केन्द्रीय प्रायोजित योजना द्वारा बच्चों के पोषण भी निगरानी की जाती है।
- उदिशा (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं): का संस्कृत में अर्थ होता है नए भोर की पहली किरण। यह विश्व बैंक (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) से सहायता प्राप्त महिला व बाल विकास परियोजना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में बाल देखभाल करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना है।
- बच्चों के लिए राष्ट्रीय नीति (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा यह निर्धारित किया गया है कि राज्य द्वारा, बच्चों के पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए उनके जन्म पूर्व व जन्म के पश्चात् (दोनो) और विकास की अवस्थाओं में, पर्याप्त सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- बच्चों के लिए राष्ट्रीय घोषणा पत्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के अनुसार बच्चों के जीवित रहने, स्वास्थ्य और पोषण, जीवन स्तर, खेल और अवकाश, प्रारंभिक बचपन की देखभाल, शिक्षा, बालिकाओं की सुरक्षा, किशोरों को अधिकार संपन्न बनाना, गुणवत्ता, जीवन और स्वतंत्रता, नाम व राष्ट्रीयता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, साझेदारी (एसोसिएशन) व शांतिपूर्ण एकत्रीकरण, परिवार के लिए अधिकार, और आर्थिक शोषण व सभी प्रकार के दुर्व्यवहार से रक्षा के अधिकार के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है।
- बच्चों के लिए कार्यवाही की राष्ट्रीय योजना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) में बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने, नवजात शिशुओं की मृत्युदर में कमी लाने, पंजीयन अनुपात में वृद्धि, अलग हो जाने (ड्राप आउट) की दर में कमी, प्रारंभिक शिक्षा को व्यापक बनाने और प्रतिरक्षण क्षेत्र में विस्तार के लक्ष्य, उद्देश्य, योजनाएं व गतिविधियां सम्मिलित हैं।
- अन्य योजनाओं में सम्मिलित हैं:
- बालिका समृद्धि योजना (बीएसवाई) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- किशोरी शाक्ति योजना (केएसवाई) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- किशोरवय बालिकाओं के लिए पोषण कार्यक्रम (एनपीएजी) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- प्रारंभिक शिक्षा को व्यापक बनाने के कार्यक्रम के अंतर्गत 3-6 वर्ष के आयु समूह के बच्चो को यथा समय शिक्षा (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- ऐसे कामगार बच्चों के कल्याण के लिए योजनाएं जिन्हें देखभाल व सुरक्षा की आवश्यकता है। (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- आवारा बच्चों (स्ट्रीट चिल्ड्रन्स) के लिए एकीकृत कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- चाइल्ड लाइन सेवा (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- केन्द्रीय दत्तक ग्रहण स्रोत एजेंसी (सीएआरए) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- काम काजी माताओं के बच्चों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय बालवाडी (76 KB) (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है)
- किशोर न्याय के लिए कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- सामान्य सहायता के लिए कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- महिलाओं व बच्चे के अवैध व्यावसायिक यौन शोषण का सामना करने के लिए लक्ष्य क्षेत्रों में प्रारंभिक परियोजना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- मध्याह्न भोजना योजना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राष्ट्रीय बालवाड़ी निधि (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल


