मेडिक्लेम पॉलिसियां
बीमारी, रोग अथवा दुर्घटना के कारण चिकित्सालय में भर्ती होना, चाहे उसमें शल्य क्रिया हो अथवा नहीं, में व्यक्तियों, परिवारों, नियोक्ताओं और कल्याणकारी निकायों पर खर्चे का भारी बोझ पड़ता है।
मेडिक्लेम पॉलिसियों द्वारा, अस्पताल भर्ती संबंधी खर्चों, जिसमें भोजन व्यवस्था के खर्चे, उपचार खर्चे, शल्य चिकित्सक, निश्चेतक (ऐनिसथटिस्ट), मेडिकल प्रेक्टिशनर, परामर्शदाता (कंसलटेंट) और विशेषज्ञ (स्पेश्लिस्ट) जैसों की फीस सम्मिलित है, की भरपाई की जाती है। इसके द्वारा बेहोशी, रक्त, ऑक्सीजन, ऑपरेशन थियेटर प्रभार, शल्यक्रिया उपकरण, मेडिसिन और नशीली दवाएं, नैदानिक (डाइग्नोस्टिक) सामग्री, एक्स-रे, डाइलासिस, रसायन चिकित्सा (कीमो- थेरेपी), विकरण चिकित्सा (रेडियो थेरेपी), पेसमेकर की लागत, कृत्रिम अंग, अंगों की लागत व ऐसे खर्चों जैसी प्रक्रियाओं से संबंधित खर्चों की भरपाई भी की जाती है। बीमित व्यक्ति का बीमा कितनी राशि के लिए किया गया है, उसके आधार पर खर्चों की भरपाई की जाती है।
चिकित्सा बीमा कराने के लिए आयु सीमा, प्रत्येक कम्पनी में अलग-अलग है। एक निश्चित आयु सीमा से अधिक आयु वाले व्यक्तियों के लिए पॉलिसी जारी करने से पहले उन्हें किसी प्राधिकृत केन्द्र से चिकित्सा जांच कराने के लिए कहा जा सकता है। कुछ पॉलिसियों में मूल बीमित व्यक्ति के साथ-साथ उसके जीवन साथी, आश्रित बच्चों अथवा माता-पिता को भी सम्मिलित किया जा सकता है। तथापि, यदि बीमित में से किसी को पॉलिसी लेने से पहले बीमारी है, जिसके लिए इलाज की आवश्यकता है, तब उसे अपने आप पॉलिसी से अलग कर दिया जाता है।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल


