मलेरिया
मलेरिया ऐसा रोग है जो जान के लिए खतरा पैदा कर सकता है। यह मादा ऐनोफेलीज मच्छर के संक्रामक दंश से फैलता है। भारत में मलेरिया युगों से एक प्रमुख लोक स्वास्थ्य समस्या बना रहा है।
सरकार ने 1958 मेंराष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम(एनएमईपी) शुरू किया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सरकार, पूर्ण कार्यान्वयन के लिए स्थानीय निकायों का व्यापक प्रयोग करती है। मलेरिया के उन्मूलन में कठिनाइयों को देखते हुए एनएमईपी का नाम बदल कर राष्ट्रीय मलेरिया निवारक कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) रख दिया गया है। मलेरिया को राष्ट्रीय वेक्टर वाहित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) में भी शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य उद्देश्य रोग को एक सह्य स्तर तक घटाना है जिसमें मानव आबादी को उपलब्ध साधनों के साथ मलेरिया के प्रसार से बचाया जा सके। लोगों को मलेरिया निवारक औषधियों तक सुगम पहुच उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में औषधि वितरण केंद्र और ज्वर उपचार डिपो भी स्थापित किए हैं।
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स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल

