कुष्‍ठ

कुष्‍ठ एक चिरकाली संक्रामक रोग है जो मुख्‍यत: त्‍वचा, ऊपरी श्‍वसन पथ की श्‍लेष्मिका, परिधीय तंत्रिकाओं, आंखों और शरीर के कुछ अन्‍य क्षेत्रों को प्रभावित करता है। कुष्‍ठ चिरकाल से मनुष्‍य के लिए एक प्रमुख स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या बना हुआ है। किसी समय यह हर महाद्वीप में व्‍याप्‍त था और अपने पीछे कुरूपता, अस्‍वीकार्यता और समाज से विलगन की भयंकर छवि छोड गया है।

कुष्‍ठ के बारे में महत्‍वपूर्ण तथ्‍य:

  • सभी संचरणीय रोगों में कुष्‍ठ सबसे कम संसर्गज है, और यह छूने से नही फैलता।
  • कुष्‍ठ एक रोगाणु से होता है। यह न तो आनुवंशिक है और न ही ईश्‍वर का शाप।
  • यदि आपको त्‍वचा पर पीले या ताम्र रंग के धब्‍बे दिखाई दें जो सुन्‍न हों या रंग तथा गठन में परिवर्तन दिखाई दे, तो यह कुष्‍ठ हो सकता है। डॉक्‍टर की सलाह लें।
  • मल्‍टी ड्रग थेरैपी या एमडीटी से कुष्‍ठ पूरी तरह ठीक हो सकता है।
  • शीघ्र निदान और एमडीटी से नियमित चिकित्‍सा उन असमर्थताओं तथा विरूपताओं से बचाती है जो कुष्‍ठ से पैदा होती हैं।
  • एमडीटी सभी सरकारी स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रो, डिस्‍पें‍सरियों तथा अस्‍पतालों में सभी कार्य दिवसों को नि:शुल्‍क उपलब्‍ध है।
  • कुष्‍ठ के उपचारित रोगी घर में रह सकते हैं और सामान्‍य काम कर सकते हैं।

कुष्‍ठ के उपचार में विशेषज्ञता वाले कुछ अस्‍पताल/क्लिनिक:

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स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल