हार्ट अटैक
भारत में हार्ट अटैक मृत्यु का एकमात्र सबसे बडा कारण है और कुल मौतों में से 1/3 मौतें ह्दय संबंधी बीमारियों के कारण होती है। हार्ट अटैक व्यक्ति की एक या अधिक कोरोनरी धमनियों में रूकावट के कारण रक्त आपूर्ति न होने से ह्दय की मांसपेशी के मृत होने के परिणामस्वरूप होता है। प्रमुख ह्दय संबंधी बीमारियां हैं एन्जाइना, कन्जेस्टिव हार्ट फेल्योर, रयूमेटिक हार्ट डिजीज और एथरोस्कीलोरोसिस।
अधिकांश ह्दय संबंधी समस्याएं प्रत्यक्षत: तनाव, व्यायाम न करने और अस्वस्थ खाने पीने संबंधी आदतों से जुडी होती है। चूंकि हार्ट अटैक की सरलता से रोकथाम की जा सकती है, यह जानना महत्वपूर्ण है कि भविष्य में अस्पताल के मंहगे दौरों से बचने के लिए व्यक्ति को कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।
हार्ट अटैक की रोकथाम
हार्ट अटैक अथवा अन्य ह्दय संबंधी बीमारियों की रोकथाम के लिए जीवन शैली में परिवर्तन करना और स्वस्थ जीवन जीना महत्वपूर्ण है। साथ ही नियमित रूप से चिकित्सा जांच कराना भी महत्वपूर्ण है।
ह्दय संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए कुछ मुख्य बाते निम्नवत है:
- उच्च रक्तचाप और उच्च रक्त कोलस्ट्राल से बचने अथवा इसे कम करने के लिए संतुलित आहार लें सही भार बनाए रखें।
- ध्रूमपान न करें। तनाव से बचने के लिए वैकल्पिक तरीके खोजें।
- शारीरिक कार्यकलाप करें। नियमित व्यायाम करें, घूमने जाएं, दौडे अथवा योग करें (पर्यवेक्षण अथवा मार्गनिर्देश में)
- डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और उच्च रक्त कोलस्ट्रॉल को नियंत्रित करें।
भारत के कुछ प्रमुख ह्दय संबंधी अस्पताल:
- अखित भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- एस्कार्टस हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रसिर्च सेंटर (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- अपोलो अस्पताल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- नारायण ह्दययालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- बोकहाड्ट हार्ट अस्पताल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलोजी इन बैंगलोर (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- बीएम बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल


