आकस्मिकता के दौरान प्राथमिक-चिकित्सा
जानवरों के काटने पर
शहरों में अधिकांश जानवर जो काटते हैं कुते अथवा बिल्ली हैं। यद्यपि बिल्लियों के काटने से संक्रमण की अधिक संभावना होती है, कुते बिल्लियों से अधिक काटते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अधिकतर नेवला, सांप और आस पास पाए जाने वाले अन्य जंगली जानवर काटते हैं। जानवरों के काटने पर निम्निलिखित प्राथमिक उपचार किया जाना चाहिए:
- छोटे घाव के लिए: घाव को अच्छी तरह से साबुन और पानी से धोएं। संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं और घाव को साफ पट्टी से बांधे।
- गहरे घाव के लिए: यदि जानवर त्वचा में गहरा घाव कर देता है जिससे रक्त स्त्राव हो जाता है तो स्त्राव को रोकने के लिए साफ सूखे कपडे से दबाव डालें। तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं।
- यदि संक्रमण के लक्षण जैसे कि लालिमा, सूजन, दर्द बढ़ना या जलन होना बढ़ता लगे तो तुरंत चिकित्सक के पास ले जाएं।
- यदि आपको लगे कि आपको रेबीज हो सकती है तो सीधे डॉक्टर के पास ले जाएं।
जलने पर
जलने पर प्राथमिक उपचार कितना जला है, इस पर निर्भर करता है। छोटे-घाव का उपचार गहरे घाव से बिल्कुल अलग होता है।
छोटे घाव के लिए तथा द्वितीय श्रेणी के घाव जो कि 2-3 इंच के व्यास के बीच का हो, निम्न कदम उठाएं:
- घाव को ठंडा होने दें। ऐसा करने के लिए घाव को बहते पानी के नीचे 5 मिनट तक अथवा दर्द के कम होने तक रखे। आप जले हुए हिस्से को ठंडे पानी में भी डुबो कर रख सकते हैं अथवा इसे ठंडी पट्टियों से ठंडा करें। घाव को ठंडा करने की प्रक्रिया से त्वचा से गर्मी निकाल कर सूजन को कम किया जाता है। घाव पर कभी भी बर्फ न लगाएं।
- जले हुए भाग पर विसंक्रमित गेज बैंडेज लगाएं। रोएंदार रूई का उपयोग न करें क्योंकि इससे त्वचा में चिनचिनाहट हो सकती है। त्वचा पर पट्टी बांधने से घाव पर हवा नहीं लगती। इससे त्वचा पर छाले नहीं पड़ते और दर्द कम होता है।
- दर्दनिवारक दवा लें। ये सभी केमिस्ट की दुकानों पर उपलब्ध होती हैं। बच्चों अथवा किशोरो को कभी भी एस्पिरिन न दें।
- छालों को न तो दबाएं और न की उनमें छेडे। छिले हुए छालों में संक्रमण हो सकता है।
गहरे घावों के लिए चिकित्सा सहायता हेतु आकस्मिकता इकाई बुलाएं, जब तक यह आप तक पहुंचती है निम्नलिखित कदम उठाएं:
- जले हुए कपड़े न हटाएं। लेकिन यह सुनिश्चित करें। कि पीडित ज्वलन सामग्री के संपर्क में अथवा धुंए या ताप के नजदीक न हो।
- गंभीर गहरे घाव वाले पीडितो के घाव को ठडे पानी में न डुबोए। ऐसा करने से झटका लग सकता है।
- यह देखे कि व्यक्ति जीवित है जैसे उसमें धडकन, सांस, खासी अथवा गति है अथवा नही। यदि ऐसे चिहन नहीं दिखाई देते तो कार्डियो पल्मोनरी रिससाइटेशन अथवा सीपीआर दें।
- जले हुए भाग पर आद्र, ठंडी, गीली और विसंक्रमित पट्टी लगाएं। आप साफ, आद्र कपडे अथवा गीले तोलिए का उपयोग भी कर सकते है।
जहर फैलना
जहर फैलने की दशा में तत्काल डॉक्टर को बुलाएं। चिकित्सा सहायता प्राप्त होने तक निम्न उपचार करें:
- यदि पीडित जहरीली गैसों जैसे कार्बन मोनोक्साइड के प्रभाव में है तो उसे तत्काल स्वच्छ हवा वाले क्षेत्र में ले जाएं।
- यदि व्यक्ति के कपडों पर जहर गिर गया है तो कपडे तत्काल हटाएं जहरीले पदार्थ के अवशेष हटाने के लिए त्वचा अथवा आंखों पर ठंडे अथवा गुनगुने पानी के छींटे मारें।
- यदि व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगल लिया है तो पेट से जहर निकालने के लिए उल्टी करें। उसे तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल

