काला अजार
- काला अजार क्या हैं?
- काला बजार के लक्षण क्या हैं?
- काला अजार कैसे फैलता है?
- काला अजार का निदान कैसे होता है?
काला अजार क्या हैं?
काला-अजार एक चिरकालिक और शायन घातक पर जीवी रोग है। यह लिशमैनिया डोनोवेनाई नामक परजीव के संक्रमण से होता है। यह मुख्यत: भीतरी अंगों को दुष्प्रभावित करता है यथा स्पलीन, अस्थि मज्जा, यकृत और लिम्फ नोड।
काला बजार के लक्षण क्या हैं?
रोग के मुख्य चिह्न हैं: कमजोरी, भूख की कमी, आवर्ती ज्वर, रक्त की कमी, लिम्फैडेनोपैथी और यकृत तथा स्पलीन की सूजन।
काला अजार कैसे फैलता है?
काला अजार संसार में ऊष्ण कटिबंधीय तथा उपोष्ण देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में अति व्याप्त है। मानवों को यह रोग मादा फ्लोबोटोमस सैंडफ्लाई के काटने से होता है जो परजीवी द्वारा संक्रमित होती है। ऊष्मायन अवधि सामान्यत: दो से छह माह होती है।
काला अजार का निदान कैसे होता है?
काला अजार का निदान क्लिनिकल और प्रयोगशाला दोनों विधियों का प्रयोग करके किया जा सकता है।
- क्लिनिकल: यदि किसी व्यक्ति को दो से अधिक सप्ताह तक ज्वर हो और मलेरिया-रोधी औषधियों तथा एंटीबायोटिक्स का कोई असर न हो तो उसका निदान काला अजार के साथ किया जा सकता है।
- प्रयोगशाला: काल अजार के निदान के लिए कई प्रकार के सीरम परीक्षण उपलब्ध हैं। अस्थि मज्जा/स्पलीन लिंफ नोड ऐस्पायरेशन या संवर्धन मीडियम में परजीवी प्रदर्शन निदान की पुष्टि करता है।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल

