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आशा और आंगवाड़ी केंद्र

आशा

प्रत्‍यायित सामाजिक स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (आशा) समुदायों के बीच स्‍वास्‍थ्‍य सक्रियता पहल है। यह स्‍वास्‍थ्‍य और इसके सामाजिक अवधारणाओं के संबंध में जागरूकता पैदा भी करती है और समुदाय को स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य आयोजना तथा सरकार द्वारा उपलब्‍ध कराई गई विद्यमान सेवाओं के अधिक उपयोग और उत्तरदायित्‍व के प्रति एकजुट करती है। आशा उस स्‍तर हेतु यथोचित और व्‍यवहार्य उपचारात्‍मक देखभाल का न्‍यूनतम पैकेज प्रदान करती है और समय पर संदर्भ हेतु भेजती है। राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं), के अंतर्गत सरकार ने प्रत्‍येक गांव में एक महिला प्रत्‍यायित सामाजिक स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता (आशा) की नियुक्ति का प्रावधान किया है जो कि एएनएम और गांव के बीच संपर्क माध्‍यम का कार्य करेगी और पंचायत के प्रति जवाब देह होंगी।

आशा को आरसीएच हेतु सार्वभौमिक टीकाकरण, संदर्भ भेजने तथा अनुरक्षक सेवाओं, घरों में शौचालय निर्माण तथा अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल संबंधी कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए निष्‍पादन आधारित मुआवजा मिलेगा। यद्यपि केंद्र सरकार आशा की नियुक्ति के लिए सामान्‍य दिशानिर्देश बनाती है लेकिन विभिन्‍न राज्‍य अपनी आवश्‍यकताओं के आधार पर अपने स्‍वयं के प्ररूप का अनुसरण करने के लिए स्‍वतंत्र है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रमों की सफलता सबसे ज्‍यादा योजना की सफलता पर निर्भर करती है।

भारत के प्रसूति अस्‍पताल

स्‍त्री रोग विभाग वाले प्रमुख भारतीय अस्‍पतालों और महिला अस्‍पतालों में स्‍त्री रोग संबंधी समस्‍याओं की आरंभिक जांच और उनकी रोकथाम के लिए सुविधाएं हैं। कई अस्‍पतालों में महिलाओं के जांच कार्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि छाती तथा प्रजनन अंगों की समस्‍याओं का आरंभिक स्‍तर पर ही पता लगाया जा सके और महिलाओं की गर्भनिरोध संबंधी आवश्‍यकताओं की पूर्ति की जा सके। महिलाओं हेतु किसी भी अच्‍छे जांच कार्यक्रम में मैमोग्राम, पेलविस का अल्‍ट्रासाउंड और सेर्विक्‍स का पैप स्‍मीयर अभिन्‍न अंग होते हैं। सभी प्रकार की स्‍त्री रोग संबंधी, समस्‍याओं जैसे मासिक धर्म संबंधी विसंगतियां, अंग का अपनी जगह से खिसकना (प्रोलेप्‍स), फायब्रायड और गर्भाशय तथा अण्‍डाशय के ट्यूमर, माइक्रोसर्जरी द्वारा ट्यूबल रिकैनेलाइजेशन और प्रजनन में अक्षम दंपत्ति की देखभाल के लिए विशेष चिकित्‍सीय और शल्‍य चिकित्‍सा संबंधी देखभाल उपलब्‍ध है। ऐसी अत्‍याधुनिक शल्‍य चिकित्‍सा उपलब्‍ध है जिसमें विश्‍वस्‍तरीय उपकरणों और न्‍यूनतम चीर-फाड़ वाली विशेषज्ञता का उपयोग किया जाता है।

आंगनवाड़ी केंद्र

आंगवाड़ी केंद्र एकीकृत बाल विकास योजना (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के अंतर्गत आते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्‍य उद्देश्‍य 3-6 वर्ष की आयु समूह के बच्‍चों के विकास संबंधी आवश्‍यकताओं की पूर्ति की जाती है। शालापूर्व शिक्षा का उद्देश्‍य बच्‍चों का सात्विक विकास सुनिश्चित करना तथा बच्‍चों को सीखने हेतु ऐसा वातावरण उपलबध कराना है जो बच्‍चे के सामाजिक, भावनात्‍मक, संज्ञानात्‍मक तथा सौंदर्यबोध संबंधी विकास के लिए अनुकूल हो।

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल