मद्य पुनर्वास
जो लोग नियमित रूप से मद्यपान करते हैं उन्हे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे यकृत की बीमारी, क्रोनिक पैनक्रिएटाइटिस, गैसट्रिटीस, कार्डियोवास्कुलर और न्यूरोलोजिकल समस्याएं आदि हो सकती हैं। मद्यपान से कैंसर और तत्पश्चात् मृत्यु हो सकती है। जिन व्यक्तियों को शराब को छोड़ने में कठिनाई है, जो रोजमर्रा की गतिविधियों की अनेदखी करता है, और शारीरिक रूप से सुस्त है, उसे मद्य पुनर्वास की आवश्यकता है।
मद्य पुनर्वास हेतु चुने गए उपचार कार्यक्रम में व्यसनी व्यक्ति की विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति होनी चाहिए। यदि आरंभिक स्तर पर गलत मूल्यांकन किया जाता है तो असफलता के अवसर बढ़ जाते हैं। मद्यपान कई प्रकार का होता है। कुछ व्यक्ति अपनी आदत को सुधारने में बार-बार असफल रहते हैं। ये मरीज अंत: रोगी (इन पेशेंट) आवासीय उपचार हेतु उपयुक्त होते हैं। दीर्घ अवधि वाले अंत रोगी मद्य पुनर्वास कार्यक्रमों का आयोजन तीन से छह माह की अवधि के दौरान किया जाता है और ये व्यसनी को वातावरण परिवर्तन के साथ साथ देखभाल भी प्रदान करते हैं। तथापि यदि मरीज ने मद्यपान थोड़े समय के लिए किया है तो बाहय रोगी उपचार अथवा परामर्श पर्याप्त है।
मद्य पुनर्वास का पहला चरण मद्य हस्तक्षेप है। इस प्रक्रिया में व्यसनी व्यक्तियों को अनिर्णायक गैर-आलोचनात्मक, व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से उसकी स्थिति से अवगत कराया जाता है। व्यक्ति अपनी समस्या की वास्तविकता को स्वीकार करते हैं और सहायता लेने हेतु प्रेरित होते है। तत्पश्चात मद्य डिटोक्स आता है। इस प्रक्रिया में शरीर को व्यसनी वस्तुओं से छुटकारा दिलाया जाता है। इसमें मेडिटेशन, योग और अन्य समग्र उपचार शामिल हैं। मद्य पुनर्वास के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति जितना अधिक शराब से दूर रहता है उतना ही अधिक संयमित रहता है।
मद्यपान उपचार के दूसरे चरण में मद्यपान से उबरने के साथ-साथ स्वाभिमान और अपना मूल्य पहचानने में सहायता करना, गहरे जख्मों को भरना, जीवन कौशल सीखना, व्यसनी प्रवृत्तियों पर नियंत्रण प्राप्त करना और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करना शामिल है। परामर्श नशीली दवा-व्यसन के लक्षणों स्वयं व्यक्ति और व्यक्ति के ठीक होने के कार्यक्रम पर केन्द्रित होता है। इसमें ठीक होने हेतु संभलने के उपाय और साधनों के बारे में सिखाया जाता है।
मद्य पुनर्वास का दूसरा साधन स्वयं सहायता समूह की बैठक है। ऐसी बैठकें ठीक होने हेतु 12 चरणीय मॉडल का अनुसरण करती हैं। ये बैठकें सप्ताह में कुछ एक बार होती है और अक्सर नि:शुल्क होती हैं। इनमें सदस्य मद्यपान से ठीक होने के लिए अपने अनुभव, ताकतें और आशाओं को एक दूसरे के साथ बांटने है। ‘एल्कोहलिक्स एनोनिमस’ एक ऐसा ही कार्यक्रम है।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल

