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एड्स

एक्‍वायर्ड इम्‍युनोडेफिशिएंसी सिन्‍ड्रोम अथवा एड्स एक खतरनाक बीमारी है जो कि सरकार के लिए चिंता का विषय है। चूंकि एड्स का अभी तक कोई इलाज नही है इसलिए यह आवश्‍यक है‍ कि लोग एड्स के बारे में जितना संभव हो सके रोकथाम संबंधी जानकारी प्राप्‍त कर सकें।

सरकार की एडस नियंत्रण में प्रमुख पहल राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) है और राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (नाको) एक प्रतिष्ठित एड्स एजेंसी है। इस संगठन का उद्देश्‍य ऐसे भारत का निर्माण करना है जहां एचआईवी ग्रस्‍त प्रत्‍येक व्‍यक्ति का उपचार सम्‍मानपूर्वक किया जाए और उसकी गुणवत्तापूर्ण देखभाल हो। प्रत्‍येक राज्‍य में एक राज्‍य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) होती है जो राज्‍य सरकार द्वारा चलाई जाती है। ये राज्‍य सोसाइटियां नाको का अंग हैं।

केंद्र और राज्‍य स्‍तर पर सरकारी निकायों के अतिरिक्‍त कई गैर सरकारी संगठन एचआईवी/एड्स के फैलने इसके रोकथाम और संभावित उपचार के संबंधित जानकारी देने में लगे हुए हैं। कई अंतरराष्‍ट्रीय गैर सरकारी संगठन और संयुक्‍त राष्‍ट्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) द्वारा चलाए जा रहे संगठन भी एड्स के बारे में जानकारी देने में लगे हुए हैं। इनमें से कुछ अंतरराष्‍ट्रीय गैर सरकारी संगठन हैं: एक्‍शन ऐड (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं), एवीईआरटी (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं), एड्स केयर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (एसीईटी), फैमिली हेल्‍थ इंटरनेशनल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (एफएचआई), अंतरराष्‍ट्रीय रेड क्रास (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) और द पैनोस एड्स प्रोग्राम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

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स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल