राज्य की योजनाएं
केरल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
राज्य में वर्तमान में कृषि से संबंधित कई राज्य प्रायोजित योजनाएं हैं। नारियल, तिलहन, ताड़ का तेल, दलहन और चावल के उत्पादन से संबंधित योजनाएं अग्रणी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और राज्य में उगाई जाने वाली नकदी फसलों के संवर्धन में शामिल योजनाएं भी महत्त्वपूर्ण हैं।
लक्षद्वीप (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
कृषि के संवर्धन के लिए राज्य योजनाएं निम्नवत् हैं:
- नारियल विकास कार्यक्रम
- व्यापक अंतर फसल प्रबंधन
- कृषि में मानव संसाधन विकास
- खाद और उर्वरक
- एकीकृत कीटाणु एवं रोग प्रबंधन
- कृषि अभियांत्रिकी सेवाएं
- अनुसंधान और विकास
केन्द्र प्रायोजित योजनाएं
- समष्टि प्रबंधन विधि
- कृषि संबंधी जनगणना
- गोवा और सिक्किम सहित संघ राज्य क्षेत्रों को समर्थन देना
मध्य प्रदेश (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
इस राज्य में काफी संख्य में कृषि योजनाएं चल रही हैं।
उन्हें पांच प्रमुख शीर्षों में वर्गीकृत किया गया है:
- कृषि कर्म
- अनुंसधान और शिक्षा
- मृदा संरक्षण
- लघु सिंचाई
- व्यष्टि लघु सिंचाई
महाराष्ट्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
केन्द्र सरकार की नदी घटियों, सूखाग्रस्त और पश्चिम घाट के लिए प्रायोजित योजनाएं हैं जबकि राज्य सरकार की भूमि विकास और ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाएं हैं।
मेघालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
राज्य सरकार बीजो, उर्वरक, पौध संरक्षण, वाणिज्यिक फसलों और प्रशिक्षण पर संकेन्द्रित विभिन्न कृषि संबंधी योजनाएं चलाती है
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स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल

