- राष्ट्रीय बीज निगम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राष्ट्रीय बीज अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- अंतरराष्ट्रीय बीज परीक्षण संघ (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- कृषि और सहकारी विभाग (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- केन्द्रीय बीज परीक्षण प्रयोगाशालाएं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- राज्य बीज निगमों का पता (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- बीज बैंक की सूची (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
- किसान कॉल सेन्टर (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)
बीज
गुणवत्ता वाली मिट्टी और बीज दो महत्वपूर्ण कृषि निवेश हैं। अधिक ऊपज और अच्छा उत्पादन तभी प्राप्त किया जा सकता है जब मिट्टी और बीज का उपयोग बुद्धिमता पूर्ण किया जाए। इसके लिए मिट्टी और बीज का परीक्षण करना आवश्यक होता है जिससे कि यह पता लागया जा सके कि अनुकूल बनाने के लिए उनमें क्या मिलाने की आवश्यकता है। इसका ध्यान रखते हुए सरकार ने विभिन्न प्रकार की मिट्टी और बीजों के लिए विभिन्न प्रकार के परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापन की है। यहां मृदा उर्वरकता मैप, परीक्षण प्रयोगशालाओं और बीज वितरण केन्द्रों के बारे में कुछ ब्यौरे दिए गए हैं।
बीज परीक्षण
भारत में, किसान बोये जाने वाले अधिकंश बीजो का उत्पादन अपने आप करते हैं। भारतीय बीज उद्योग में राष्ट्रीय स्तर के संगठन जो राष्ट्रीय बीज निगम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (एन एस सी) और बीज निगम (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) कहलाता है प्रत्येक राज्य में है। राष्ट्रीय बीज निगम, जो कृषि मंत्रालय के नियंत्रणाधीन है उत्पादन प्रसंस्करण और कृषि बीजो का विपणन करता है। इन बीजों में विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज, दलहन, तिलहन, पशु चारा, रेशेदार और सब्जियों के बीज शामिल हैं।
राष्ट्रीय बीज निगम या एन एस सी बीज प्रमाणन मानक तैयार करने में लगा हुआ है। एन एस सी द्वारा उत्पादित बीजों का स्वतंत्र बीज प्रमाणन एजेंसियो तथा इनके स्वयं के अंतरराष्ट्रीय बीज परीक्षण संघ (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) जिसे बीज परीक्षण प्रयोगशाला दिया गया है द्वारा गुणवत्ता मानक के लिए मूल्यांकन किया जाता है। राष्ट्रीय बीज निगम ने राज्य बीज निगमों और कृषि विश्वविद्यालयों की परीक्षण प्रयोगशालाएं देश के विभिन्न भागों में खोलने के लिए सहायता की है।
बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) स्थानीय मिट्टी और अन्य कृषि जन्य शर्तों के साथ बीजों की विभिन्न किस्मों की संगतता जांच ने में रत है। व्यापक प्रकार के परीक्षण होते हैं जिन्हें बीजों पर किया जा सकता है। अधिकांश बीजो का परीक्षण अंकुर और दृढ़ता, रोग, शुद्धता, अनुवंशिकता और गुणवत्ता आश्वासन के लिए सामान्य बीज स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। निर्यात के लिए बीजों का परीक्षण यह देखने के लिए आवश्यक है कि क्या वे निर्धारित गुणवत्ता मानक को पूरा करते हैं या नहीं। निर्यात किए जाने वाले बीजों का परीक्षण भारतीय अबोहवा परिस्स्थितियों में उनकी उपयुक्ता और स्थानीय रोगों और कीटों के प्रति सुदृढता जानने के लिए किया जाता है। भारत में बहुत से बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं हाइब्रिड किस्मों के बीजों का विकास करने में भी रत है जो फसल की उत्पादकता बढाती है।
वर्ष 2005 में कृषि मंत्रालय (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) का कृषि और सहकारिता विभाग (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) ने वराणसी में राष्ट्रीय बीज अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्र (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) (एन एस आर टी सी) की स्थापना की। इस निकाय के सृजन का मुख्य कारण था अलग से बीज गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगाशाला बनाना जो केन्द्रीय बीज परीक्षण प्रयोगशालाए (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) के रूप में कार्य करेगा। इस प्रयोगशाला का आशय संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में कार्य करना जब बीज की गुणवत्ता संबंधी कानूनी अदालत में विवाद खड़ा हो।
स्रोत: राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल ![]()
