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दुग्‍ध उत्‍पादन

गत कुछ वर्षों में भारतीय संसाधित दुग्‍ध उत्‍पादन उद्योग ने काफी विकास किया है तथा नाना रूप धारण किया है। इस औद्योगिक क्षेत्र के समुचित विकास एवं वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने विभिन्‍न कानून एवं विनियमनों को स्‍थापित किया हैं।

नियामक ढांचा: भारत सरकार ने वर्ष 1991 में डेयरी सेक्‍टर को लाइसेंसहीन करने के उपरांत भारत सरकार ने वर्ष 1991 में डेयरी सेक्‍टर को लाइसेंसहीन करने के उपरांत (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) प्रख्‍यापित किया था। इस आदेश के अनुसार, कोई व्‍यक्ति अथवा डेयरी संयंत्र जो प्रतिदिन 10,000 लीटर से अधिक दुग्‍ध अथवा प्रति वर्ष 500 मी. टन दुग्‍ध ठोस पदार्थ को नियंत्रित करता है, को केंद्र सरकार द्वारा चुने गए पंजीयन प्राधिकारी के पास पंजीकृत कराए जाने की आवश्‍यकता है। इस आदेश का मुख्‍य उद्देश्‍य सामान्‍य जनता द्वारा उपयोग के लिए कतिपय गुणवत्ता के तरल दुग्‍ध की आपूर्ति तथा इस स्‍तर को बनाए रखना है। इसका उपयोग दुग्‍ध के उत्‍पादन, प्रसंस्‍करण एवं वितरण तथा घी, क्रीम एवं पनीर जैसे उत्‍पादों को विनियमित करने के लिए भी किया जाता है। डेयरी क्षेत्र में त्‍वरित वृद्धि के लिए दुग्‍ध एवं दुग्‍ध उत्‍पाद आदेश, 1992 में समुचित संशोधन की आवश्‍यकता को स्‍वीकार करते हुए सरकार ने समय-समय पर संशोधन पारित किए हैं। इससे दुग्‍ध एवं दुग्‍ध उत्‍पाद आदेश अधिक उदार एवं उद्यमी अनुकूल हो गया है। इस समय नई क्षमताओं को स्‍थापित करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

नए संशोधनों की कुछ विशेषताएं निम्‍नवत है:

  • दुग्‍ध शेड प्रदान करने का प्रावधान समाप्‍त कर दिया गया हैं।
  • एम एम पी ओ-92 के अंतर्गत पंजीयन में स्‍वच्‍छता, सफाई गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा शामिल है।
  • दुग्‍ध संयंत्र के जांच के प्रावधान को अधिक नम्‍य बनाया गया है।
  • 90 दिनों के अंदर पंजीयन प्रदान करने का प्रावधान कम करके 45 दिन कर दिया गया है।
  • राज्‍य पंजीयन प्राधिकरण के पंजीयन की शाक्ति एक लाख लीटर प्रतिदिन (एल एल पी डी) से बढ़ाकर दो लाख लीटर प्रतिदिन कर दी गई हैं।

भारत में डेयरी परियोजना की स्‍थापना के लिए किसी लाइसेंस की आवश्‍यकता नहीं है। सचिवालय को औद्योगिक अनुमोदन के लिए केवल एक ज्ञापन प्रस्‍तुत किया जाना होता है तथा उसकी पावती की जानी होती है। तथापि, दुग्‍ध एवं दुग्‍ध उत्‍पाद नियंत्रण आदेश (एम एम पी ओ) 1992 के अंतर्गत पंजीयन का एक प्रमाणपत्र आवश्‍यक हैं।

दुग्‍ध एवं दुग्‍ध उत्‍पाद आदेश 1992 पर पूरी सूचना तथा पंजीयन के लिए आवेदन प्रपत्र हेतु यहां, पंजीयन के लिए आवेदन प्रपत (वर्ड - 158 KB)

स्रोत: राष्‍ट्रीय पोर्टल विषयवस्‍तु प्रबंधन दल